जयंती पर याद किये गये राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर

मधुपुर के भेड़वा नावाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में आयोजन

मधुपुर. शहर के भेड़वा नावाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर उन्हें याद किया गया. मौके पर उपस्थित लोगों ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया. वहीं, धनंजय प्रसाद ने कहा कि आधुनिक हिंदी काव्य जगत में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का विशिष्ट स्थान है. वे राष्ट्रकवि के साथ ही राष्ट्रीय उद्घोषक कवि भी थे. उनकी काव्य में अटूट देशप्रेम है. उनकी कविताओं में किसान, मजदूर, सर्वहारा व दलित की दुर्दशा पर उत्कृष्ट आक्रोश और मानवता के लिए अदम्य प्रयासों से परिपूर्ण है. दिनकर जी साम्राज्यवाद से मुक्ति के लिए हिंसात्मक मार्ग को स्वीकृति ही नहीं प्राथमिकता भी देते हैं. दिनकर जी का गहन अध्ययन और गंभीर चिंतन उनके गद्य में प्रतिलक्षित होता है. उन्होंने गद्य मैं संस्मरण, यात्रा वृत्तांत, आलोचना, वैयक्तिक निबंध और बोध कथाएं लिखी हैं. संस्कृति के चार अध्याय, नामक इतिहास व संस्कृति के संबद्ध विषय की उनकी पुस्तक में सुक्षम अनवेषियी दृष्टि, भारतीय संस्कृति के प्रति उनके अटूट आस्था उजागर करती है. उनकी भाषा सरल, असरदार व संगीतमय है. उनमें जोरदार ढंग से अपनी बात कहने की अदभूत क्षमता रही है.

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Published by: Balram

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