जज के साथ दुर्व्यवहार न्यायपालिका की गरिमा पर है सीधा हमला

मधुपुर के कोर्ट मोड़ स्थित डॉ भीमराव आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर आयोजन

मधुपुर. शहर के कोर्ट मोड़ स्थित डाॅ भीमराव आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर बुधवार को अनुसूचित जाति संघर्ष समिति के सदस्यों ने संविधान पर हो रहे हमलों, न्यायपालिका पर असम्मान जनक व्यवहार व हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई. पुरण की जातीय प्रताड़ना के कारण हुई संदिग्ध मौत को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह संविधान के साथ छेड़छाड़ की कोशिशें की जा रही है. यह देश के लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की घटना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह न्यायपालिका की गरिमा पर सीधा हमला है. केंद्र सरकार को इस प्रकार की घटनाओं को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए. हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई. पुरण की मौत की उच्चस्तरीय जांच करायी जाये. ताकि जातीय उत्पीड़न के पीछे की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सख्त सजा मिल सके. मौके पर पूर्व नप उपाध्यक्ष जियाउल हक, मो. शाकिर अंसारी, गंगादास, राजेंद्र दास, संतोष दास, साकिब खान, असगर अली, वकील दास, मुकेश दास, जनेश्वर किस्कू, आनंदी दास, शाकिर अली, चिरागुद्दीन, इंद्राणी देवी, मालती देवी, बुधनी देवी, सगीर अंसारी, बाबू चंद्र दास, रंजीत दास, राजेश दास, वकील दास समेत दर्जनों लोग मौजूद थे. हाइलार्ट्स : मधुपुर के कोर्ट मोड़ स्थित डॉ भीमराव आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर आयोजन अनुसूचित जाति संघर्ष समिति ने किया धरना प्रदर्शन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By BALRAM

BALRAM is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >