श्रावणी मेले पर आतंकी साया, झारखंड में हाई अलर्ट, खुफिया इनपुट के बाद प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा कड़ी

सावन महीने में आयोजित होने वाले प्रमुख मेलों पर आतंकी खतरे के इनपुट के बाद झारखंड में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. देवघर श्रावणी मेला सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर हाई अलर्ट जारी किया गया है.

प्रमुख संवाददाता, देवघर

सावन महीने में आयोजित होने वाले देश के प्रमुख कांवर मेलों पर संभावित आतंकी खतरे के खुफिया इनपुट के बाद झारखंड में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. बाबा बैद्यनाथधाम, देवघर में शुरू होने वाले राजकीय श्रावणी मेला सहित राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर हाई अलर्ट जारी किया गया है. गृह मंत्रालय के अधीन स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (एसआईबी), रांची से प्राप्त गोपनीय इनपुट के आधार पर राज्य पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों, रेल पुलिस और खुफिया इकाइयों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है.

विशेष शाखा (एसबी) की ओर से जारी निर्देश में जिला पुलिस अधीक्षकों, रेल पुलिस अधीक्षकों और संबंधित अधिकारियों से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने, फील्ड इंटेलिजेंस मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने को कहा गया है. सुरक्षा संबंधी इस निर्देश को 'मैटर मोस्ट अर्जेंट' श्रेणी में जारी किया गया है.

देवघर श्रावणी मेला और हरिद्वार कांवर यात्रा पर विशेष नजर

खुफिया एजेंसियों के अनुसार देश के बड़े धार्मिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले स्थान संभावित रूप से निशाने पर हो सकते हैं. इसी को देखते हुए देवघर श्रावणी मेला और हरिद्वार कांवर यात्रा के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने को कहा गया है. मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रवेश मार्ग और श्रद्धालुओं के ठहराव वाले स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है.

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आतंकी और कट्टरपंथी नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर

खुफिया इनपुट में विभिन्न आतंकी और कट्टरपंथी संगठनों की ऑनलाइन गतिविधियों तथा धमकी भरे संदेशों का उल्लेख किया गया है. सुरक्षा एजेंसियों को अल-कायदा से जुड़े नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और खालिस्तानी समर्थक संगठनों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है. साथ ही सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध प्रचार और संदेशों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.

पानी और खाद्य सामग्री की भी होगी निगरानी

सुरक्षा एजेंसियों ने मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध पेयजल और खाद्य सामग्री की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया है. अस्थायी शिविरों, भोजनालयों, पेयजल केंद्रों और खाद्य दुकानों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं.

दुमका प्रशासन ने भी जारी किया अलर्ट

विशेष शाखा के निर्देश के बाद दुमका जिला प्रशासन ने भी सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क कर दिया है. उपायुक्त कार्यालय की गोपनीय शाखा की ओर से पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, बीडीओ और अंचल अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं.

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

राजकीय श्रावणी मेला में हर वर्ष देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं. इसे देखते हुए प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, प्रवेश-निकास व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, संदिग्ध वस्तुओं की जांच और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को और मजबूत करने का निर्णय लिया है. सुरक्षा एजेंसियों ने निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए.

हाइलाइट्स

  • श्रावणी मेला पर आतंकी खतरे का इनपुट, झारखंड हाई अलर्ट पर.
  • देवघर समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश.
  • अल-कायदा, लश्कर, जैश और खालिस्तानी नेटवर्क पर निगरानी.
  • मेला क्षेत्र में पानी, भोजन और भीड़ प्रबंधन पर विशेष सतर्कता.
  • दुमका प्रशासन ने पुलिस व अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिये.

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By Amleshnandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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