आदिवासियों का प्रमुख त्योहार सोहराय की तैयारी जोरों पर
मधुपुर में सोहराय की तैयार जोर शोर से
मधुपुर. शहर समेत ग्रामीण इलाकों के महुआडाबर, जाभागुड़ी, तितमो, पथलजोर, सिकटिया, जगदीशपुर, पसिया में आदिवासियों का प्रमुख त्योहार सोहराय की तैयारी जोर शोर से चल रहा है. आदिवासी महिलाएं घरों की साफ-सफाई व रंगाई पुताई में जुट हैं. राज मुर्मू ने कहा कि महिलाएं घरों की दीवारों को लाल मिट्टी और सफेद मिट्टी से सिर्फ रंगा पुताई ही नहीं करती है, बल्कि दीवारों पर उकेरी जाने वाली पेंटिंग के माध्यम से आदिवासी समाज के प्रकृति प्रेम, अपनी सभ्यता संस्कृति को प्रदर्शित करती है. इन कलाकृतियों में प्रेम, उर्वरता, जन्म विवाह और त्योहार के बारे में दिखाया जाता है. यही कारण है कि खासकर लड़कियों को घरेलू कामकाज सीखने के दौरान महिलाएं जादोपटिया पेंटिंग भी सिखाती है. ताकि वह खुद इस पेंटिंग का उपयोग करें और दूसरों को इसे सीख मिले. सोहराय पर्व के बहाने ही लोग आदिवासी समाज के रहन-सहन के तरीकों को जानते समझते हैं. इसमें सबसे ज्यादा प्रमुख पेंटिंग है. वहीं, सोहराय पर्व की तैयारी, जादोपटिया पेंटिंग से सज रहे है.
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