देवघर से संजीव मिश्रा की रिपोर्ट
Shravani Mela Baidyanath Dham: सावन मास 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है. इससे एक दिन पहले बुधवार को बाबा बैद्यनाथधाम में मासव्यापी राजकीय श्रावणी मेले का उद्घाटन किया जायेगा. कांवरिया पथ पर झारखंड में प्रवेश-द्वार दुम्मा के पास राज्य के तीन मंत्री (सुदिव्य कुमार, संजय प्रसाद यादव व दीपिका पांडेय सिंह) संयुक्त रूप में सुबह 10.30 बजे मेले का उद्घाटन करेंगे. उद्घाटन के साथ ही बाबाधाम में कांवरियों की भीड़ उमड़ने लगेगी. वहीं सावन माह में 30 जुलाई से 28 अगस्त की दोपहर तक बाबा बैद्यनाथ की स्पर्श पूजा पूरी तरह बंद रहेगी. इस अवधि में श्रद्धालु केवल अरघा के माध्यम से जलार्पण कर सकेंगे. श्रावणी मेले में इस बार बाबा मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन के लिए कई नयी व्यवस्थाएं लागू की हैं. पहली बार मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार निर्धारित किये गये हैं.
मुख्य और बाह्य अर्घा से होगा जलार्पण
साथ ही बाह्य अरघा की व्यवस्था को भी प्रभावी बनाया गया है, जिससे अधिक संख्या में श्रद्धालु आसानी से जलार्पण कर सकेंगे. मंदिर प्रशासन के अनुसार, आम कतार और शीघ्रदर्शनम कूपनधारी श्रद्धालु बाबा मंदिर के गर्भगृह के मंझला खंड में मुख्य अरघा के माध्यम से जलार्पण करेंगे. इसके अलावा निकास द्वार के समीप बाह्य अरघा की व्यवस्था की गयी है, जिसे पाइपलाइन के जरिए मुख्य अरघा से जोड़ा गया है. यहां से अर्पित जल सीधे बाबा पर चढ़ेगा. बाह्य अरघा से जलार्पण करने वाले श्रद्धालु मंदिर की छत पर लगी एलइडी स्क्रीन पर बाबा का दर्शन कर सकेंगे.
पार्वती मंदिर में कतार लगने की नयी व्यवस्था
पार्वती मंदिर में पूजा के लिए कतार व्यवस्था में भी इस बार बदलाव किया गया है. बाबा मंदिर में जलार्पण के बाद श्रद्धालुओं को पूरब द्वार से बाहर निकलना होगा. इसके बाद बड़ा बाजार होते हुए नाथबाड़ी पहुंचकर पार्वती मंदिर के लिए लगने वाली कतार में शामिल होना होगा.
जरूरी जानकारी
- 30 जुलाई से 28 अगस्त दोपहर तक बाबा मंदिर में स्पर्श पूजा नहीं होगी, अरघा से जलार्पण होगा.
- आम कतार में आने वाले श्रद्धालु मुख्य अरघा से जलार्पण करेंगे.
- शीघ्रदर्शनम की कतार के लिए 600 रुपये प्रति भक्त देना होगा. कूपनधारी श्रद्धालु सुविधा केंद्र से कतार में लगकर वीआइपी गेट से प्रवेश करेंगे.
- बाह्य अरघा से जलार्पण के लिए निकास द्वार के पास व्यवस्था की गयी है. यहां जलार्पण करने पर पाइपलाइन से जल सीधे बाबा पर अर्पित होगा.
- बाह्य अरघा से जलार्पण करने वाले श्रद्धालु मंदिर की छत पर लगी एलइडी स्क्रीन पर जलार्पण का सीधा दृश्य देख सकेंगे.
- भक्तों को सिंह द्वार व वीआइपी गेट से मंदिर परिसर में प्रवेश मिलेगा.
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