संजीव मिश्रा, देवघर
Deoghar News: विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में इस वर्ष राजकीय श्रावणी मेला 31 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन संपन्न होगा. मेला अवधि के दौरान बाबा बैद्यनाथ मंदिर में आम श्रद्धालुओं के लिए स्पर्श पूजा पूरी तरह बंद रहेगी. 31 जुलाई से 28 अगस्त की दोपहर तक आने वाले कांवरिये अर्घा के माध्यम से बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे. प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने मेले की तैयारियां तेज कर दी हैं.
संक्रांति और पूर्णिमा पंचांग से तिथियों में अंतर
बांग्ला पंचांग के अनुसार श्रावणी मेला 17 जुलाई की संक्रांति तिथि से शुरू होकर 17 अगस्त तक माना जाएगा, जबकि पूर्णिमा के अनुसार राजकीय श्रावणी मेला 31 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगा. बाबा नगरी के जानकार पंडित पंकज ने बताया कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है तथा 30 जुलाई को भी पूर्णिमा का प्रभाव रहने के कारण 31 जुलाई से मेले का विधिवत शुभारंभ होगा.
बांग्ला पंचांग के अनुसार 5, मिथिला पंचांग के अनुसार 4 सोमवारी
इस बार श्रावण में पूर्णिमा बांग्ला पंचांग के अनुसार चार सोमवारी, जबकि संक्रांति पंचांग के अनुसार पांच सोमवारी का संयोग बन रहा है. बांग्ला पंचांग के अनुसार 20 व 27 जुलाई तथा 3, 10 और 17 अगस्त को सोमवारी पड़ेगी. इनमें नाग पंचमी का विशेष संयोग भी होने से इन तिथियों पर बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है. वहीं पूर्णिमा के अनुसार 3, 10, 17 और 24 अगस्त को सोमवारी रहेगी.
मधुश्रावणी और झूलनोत्सव की भी रहेगी धूम
श्रावण मास में नवविवाहित महिलाओं के लिए 2 अगस्त से 15 अगस्त तक मधुश्रावणी पर्व मनाया जाएगा. 2 अगस्त को पूजा का संकल्प होगा, जबकि 3 अगस्त से कथा और अनुष्ठान शुरू होंगे. 15 अगस्त को पारंपरिक गुगुल दागने की परंपरा की रस्म के साथ पर्व का समापन होगा. इसके बाद 17 अगस्त को मां मनसा देवी की पूजा होगी. वहीं 23 अगस्त से 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक झूलनोत्सव का आयोजन होगा, जिसके साथ मासव्यापी राजकीय श्रावणी मेले का विधिवत समापन किया जाएगा.
ये भी पढ़ें…
बाबा मंदिर में सालों भर अर्घा सिस्टम की तैयारी, गर्भगृह में मोबाइल पर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध
