प्रतिनिधि, सारठ : पिछले पांच माह से मानदेय राशि नहीं मिलने एवं आउटसोर्सिंग कंपनी की मनमानी को लेकर शनिवार को सारठ सीएचसी परिसर में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत 58 स्वास्थ्य कर्मियों ने चार सूत्री मांगों को लेकर काम ठप कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया. कर्मियों ने नारेबाजी करते हुए मानदेय भुगतान की मांग की.
पांच माह से मानदेय नहीं मिलने से आर्थिक संकट
आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत कर्मियों ने कहा कि पिछले पांच माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने से वे घोर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं. राशन दुकानदार उधार में राशन नहीं दे रहे हैं. वहीं बच्चों का स्कूल से नाम काटने की धमकी दी जा रही है. कर्मियों ने कहा कि ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य सेवा देना उनके लिए मुश्किल हो रहा है.
कर्मियों ने बताया कि वे चतुर्थ वर्गीय कर्मी, चालक, वार्ड ब्वॉय और सफाई कर्मी के रूप में काम करते हैं. उन्होंने प्रत्येक माह पीएफ कटौती, बढ़ोतरी के साथ मानदेय भुगतान समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया.
58 कर्मियों ने जताया रोष
धरने में पंकज कुमार राय, लक्ष्मण हाड़ी, कविता देवी, शशांक कुमार, चंदन राउत, रंजीत रवानी, कुंदन सिंह, जितेंद्र कुमार, श्वेता कुमारी राज, गौतम कुमार, रिखिया देवी समेत 58 कर्मी शामिल थे.
विधायक ने सिविल सर्जन से की बात
इधर, देर शाम सूचना मिलने पर सारठ विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह ने आउटसोर्सिंग कर्मियों को पिछले पांच माह से मानदेय नहीं मिलने को लेकर सिविल सर्जन देवघर से बात की. उन्होंने कर्मियों के जल्द मानदेय भुगतान का निर्देश दिया.
विधायक ने कहा कि यह दुखद है कि देवघर सदर एवं मधुपुर के कर्मियों का भुगतान हो गया और सारठ, पालोजोरी एवं अन्य प्रखंडों के आउटसोर्सिंग कर्मियों का भुगतान नहीं हुआ.
आश्वासन के बाद धरना समाप्त
सिविल सर्जन से वार्ता के बाद विधायक चुन्ना सिंह ने धरने पर बैठे आउटसोर्सिंग कर्मियों को जल्द मानदेय भुगतान कराने का आश्वासन दिया. इसके बाद आउटसोर्सिंग कर्मियों ने धरना समाप्त कर काम पर लौटने का निर्णय लिया. मौके पर शालिग्राम मंडल, विक्रम सिंह और रूपेश कुमार सिंह मौजूद थे.
