4.30 लाख रुपये नकद, स्कॉर्पियो, मोबाइल, लैपटॉप और फर्जी पुलिस बोर्ड बरामद; चालक और राइस मिल के सेल्सकर्मी की भूमिका सामने आई
अजय यादव, देवघर : जसीडीह थाना क्षेत्र के टाभाघाट-दर्दमारा मुख्य सड़क पर खुद को GST अधिकारी बताकर 40.50 लाख रुपये की लूट करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है. मामले में पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है. आरोपितों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियो, 4.30 लाख रुपये नकद, क्षतिग्रस्त लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, दो प्लास्टिक के पुलिस डंडे और पुलिस लिखा फर्जी बोर्ड बरामद किया गया है.
इसका खुलासा एसपी प्रवीण पुष्कर ने बुधवार को कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया. उन्होंने बताया कि 8 अगस्त को विक्रम चौधरी ने जसीडीह थाना में आवेदन देकर शिकायत की थी कि स्कॉर्पियो सवार अपराधियों ने उनकी मोटरसाइकिल को जबरन रोक लिया. इसके बाद आरोपितों ने खुद को GST पदाधिकारी बताते हुए उन्हें और उनके साथ मौजूद कर्मचारी को रुपये से भरे बैग के साथ कब्जे में ले लिया और 40.50 लाख रुपये नकद, मोबाइल, लैपटॉप समेत अन्य सामान लूट लिए.
मामले में जसीडीह थाना कांड संख्या 269/2026 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की. एसपी के निर्देश पर गठित छापामारी दल ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया.
ये पांच आरोपित गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपितों में कुमोद पोद्दार, संजय कुमार सिंह, शिव शंकर कुमार, घनश्याम यादव और विनोद प्रसाद यादव शामिल हैं. सभी बिहार के जमुई और बांका जिले के रहने वाले बताए गए हैं.
4.30 लाख नकद समेत कई सामान बरामद
पुलिस के अनुसार संजय कुमार सिंह की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो (जेएच01बीपी-4780), रेडमी और एप्पल के दो मोबाइल, दो प्लास्टिक के पुलिस डंडे तथा पुलिस लिखा हुआ फर्जी बोर्ड बरामद किया गया.
वहीं कुमोद पोद्दार के पास से 500 रुपये के नोटों में 4.20 लाख रुपये और 200 रुपये के नोटों में 10 हजार रुपये, यानी कुल 4.30 लाख रुपये नकद बरामद हुए. उसके पास से वादी का क्षतिग्रस्त डेल लैपटॉप भी मिला. शिव शंकर कुमार के मोबाइल फोन से घटनास्थल से जुड़े रास्ते का मानचित्र भी पुलिस को मिला.
कुमोद पोद्दार का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार कुमोद पोद्दार के खिलाफ सिमुलतला, धनवार, दुमका, हलसी-तेतरहट और देवघर नगर थाना में पूर्व के मामले दर्ज हैं.
तीन कांडों के खुलासे का दावा
एसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी से इस मामले के अलावा तीन अन्य कांडों का भी खुलासा हुआ है. पुलिस के अनुसार गिरोह ने राजधनवार, सिमुलतला, दुमका, बांका और जमुई क्षेत्र में अलग-अलग घटनाओं को अंजाम दिया था. इस मामले में पांच आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है.
चालक और राइस मिल के सेल्सकर्मी की भूमिका
जांच में सामने आया कि घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियो बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र के तरैया निवासी संजय कुमार सिंह की थी. वहीं जमुई जिले के सिमुलतला थाना क्षेत्र के सलैया गांव निवासी विनोद प्रसाद यादव राइस मिल में सेल्सकर्मी के रूप में काम करता था. पुलिस जांच में दोनों की भूमिका सामने आई है.
इन पुलिस पदाधिकारियों की रही अहम भूमिका
छापामारी दल में एसडीपीओ सदर कुलदीप कुमार, जसीडीह थाना प्रभारी दीपक कुमार, मोहनपुर थाना प्रभारी संदीप कृष्णा, चित्रा थाना प्रभारी प्रियरंजन कुमार, देवीपुर थाना प्रभारी प्रशांत कुमार, जसीडीह थाना के रामानुज सिंह, अमर कुमार, अभय कुमार समेत पुलिस पदाधिकारी, तकनीकी शाखा के कर्मी और सशस्त्र बल शामिल थे.
