देवघर : शहर के करनीबाग निवासी नौ वर्षीय रक्षित चंद्र झा ने थाईलैंड में आयोजित एशिया पैसिफिक योगासन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर देवघर का नाम रोशन किया है. आठ सितंबर को आयोजित प्रतियोगिता में रक्षित ने भारतीय योगासन टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए ट्रेडिशनल योगा और आर्टिस्टिक सोलो स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया. इस उपलब्धि के साथ रक्षित ने दिसंबर में होने वाली वर्ल्ड योगा चैंपियनशिप के लिए भी क्वालिफाई किया है. रक्षित शुक्रवार को अपने माता-पिता के साथ देवघर लौटे.
50 से अधिक प्रतिभागियों के बीच जीता कांस्य
चैंपियनशिप में पांच से नौ वर्ष आयु वर्ग में एशियाई देशों के 50 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. रक्षित ने ट्रेडिशनल योगा में टफ लेग और हैंड बैलेंस से जुड़े आइटम, जबकि आर्टिस्टिक योगा में बुमासन का प्रदर्शन किया.
रक्षित ने बताया कि बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर एशिया के विभिन्न देशों के खिलाड़ियों के साथ मंच साझा करने और उनकी तैयारी को करीब से जानने का अवसर मिला. प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर वह बेहद खुश है.
चार साल की उम्र में शुरू किया था योग का अभ्यास
ईश्वर चंद्र झा एवं रश्मि शेखर झा के पुत्र रक्षित ने बताया कि चार वर्ष की उम्र में वह क्रिकेट और डांस सीखना चाहता था. केकेएन स्टेडियम में क्रिकेट सीखने पहुंचा, लेकिन उम्र कम होने के कारण डांस से जुड़े योग का अभ्यास शुरू किया. धीरे-धीरे योग में उसकी रुचि बढ़ती गयी.
रक्षित रोज स्कूल जाने से पहले एक घंटे और स्कूल से लौटने के बाद स्टेडियम में करीब दो घंटे अभ्यास करता है. उसके अनुसार योग से शरीर फिट रहता है और पढ़ाई में एकाग्रता भी बढ़ती है.
अब वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतना लक्ष्य
रक्षित का अगला लक्ष्य दिसंबर में होने वाली वर्ल्ड योगा चैंपियनशिप में पदक जीतकर देश, राज्य और देवघर का नाम रोशन करना है. अपनी सफलता का श्रेय उसने माता रश्मि शेखर झा, पिता ईश्वर चंद्र झा, गुरु विप्लव सर और सुची मैम को दिया है.
