देवघर : रिखियापीठ में सोमवार से पांच दिवसीय श्रीराधा-कृष्ण झूलन महोत्सव का शुभारंभ हुआ. महोत्सव को लेकर रिखियापीठ का पूरा परिसर भक्ति के रंग में रंगा नजर आया. कदंब की डालियों से तैयार किए गए झूले को रंग-बिरंगे फूलों से आकर्षक रूप से सजाया गया. इसी सजे हुए झूले पर श्रीराधा-कृष्ण की प्रतिमा को विराजमान कराया गया, जिसके बाद भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ उन्हें झुलाया.
भजन-कीर्तन और नृत्य से भक्तिमय हुआ रिखियापीठ
महोत्सव के शुभारंभ के दौरान रिखियापीठ परिसर में भजन-कीर्तन और नृत्य का आयोजन हुआ. रिखियापीठ की कन्याओं ने भजन-कीर्तन और नृत्य के माध्यम से श्रीराधा-कृष्ण की आराधना की. इस दौरान कन्याओं ने ‘जयदेव जयदेव वंदे गोपालम्’, ‘ॐ जय जगदीश हरे’ और ‘राम नाम लड्डू, गोपाल नाम जी’ सहित विभिन्न भजनों की प्रस्तुति दी. भजनों और नृत्य के बीच पूरा वातावरण कृष्ण भक्ति से ओतप्रोत रहा.
पांच दिनों तक राधा-कृष्ण की भक्ति में रमने का आह्वान
स्वामी सूर्य प्रकाश ने कहा कि पांच दिनों तक रिखियापीठ पूरी तरह राधा-कृष्ण की भक्ति में रम जाएगा. उन्होंने श्रद्धालुओं से इस भक्ति रस में डूबने के लिए अपने हृदय को सरल और कोमल बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि हृदय की यह सरलता भजन, कीर्तन और भक्ति से आती है. पांच दिनों तक श्रीकृष्ण और राधा के प्रति प्रेम व भक्ति को जागृत करने के लिए श्रद्धालुओं को भजन-कीर्तन में शामिल होने की बात कही.
