Deoghar News : बापू के विचारों का अनुशरण करने की जरूरत : ममता

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के देवघर आगमन के सौ साल पूरे होने के अवसर पर रामराज आश्रम में स्वैच्छिक संस्था मंच की ओर से पुष्पांजलि उत्सव का आयोजन किया गया.

देवघर. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के देवघर आगमन के सौ साल पूरे होने के अवसर पर रामराज आश्रम में स्वैच्छिक संस्था मंच की ओर से पुष्पांजलि उत्सव का आयोजन किया गया. इसकी शुरुआत में बापू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित की गयी. इसके बाद उनके जीवन संघर्षों के बारे में अतिथियों ने विचार रखे. राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी अतिथि के तौर पर शामिल हुईं. उन्होंने कहा कि हम सभी को गांधी के विचारों का अनुशरण करने की जरूरत है. गांधी ऐसे व्यक्तित्व थे जो भी उनसे मिलते थे, वे गांधीमय हो जाते थे. पूर्व सांसद अभयकांत सिन्हा ने कहा कि बापू सत्य एवं अहिंसा के प्रबल समर्थक थे. अतिथियों ने कहा कि महात्मा गांधी वर्ष 1925 में देवघर आये थे. उनका प्रवास गोवर्धन भवन में हुआ था. उनके इस ऐतिहासिक दौरे का मुख्य उद्देश्य संताल समुदाय को मद्यपान से दूर करना तथा समाज में व्याप्त बुराइयों को खत्म करना था. देवघर यात्रा के दौरान कहा था कि बाबा धाम छुआ-छूत नहीं मानता, ऐसे स्थल बहुत कम हैं. मौके पर मंच के रंजन कुमार, दिलीप, सतीश, सोहन मंडल, पशुपति, बिलास भुइयां, विपिन मिश्रा, जितेंद्र कुमार, सुशीला सिन्हा, आभा रानी, रूबी द्वारी झा, गोपाल मंडल, दिलीप तिवारी, सच्चिदानंद मंडल, विकास कुमार, आलोक मिश्रा, विनोद कुमार, चंद्रकांत मंडल, दयानंद पांडेय, गोकुल यादव आदि मौजूद थे. हाइलाइट्स बापू की देवघर यात्रा के सौ साल पूरे होने पर पुष्पांजलि उत्सव का आयोजन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Falguni marik

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >