यूजीसी एक्ट के विरोध में एक को देशव्यापी बंदी का निर्णय

करौं : सवर्णों के भविष्य, शिक्षा और अधिकारों की रक्षा

करौं. प्रखंड क्षेत्र के पटाबर मैदान में सवर्ण समाज के प्रबुद्धजनों की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित हुई, जिसमें आगामी एक फरवरी को सवर्ण समाज की ओर से आहूत देशव्यापी बंदी के समर्थन किये जाने को लेकर चर्चा की गयी. साथ ही महाबंदी को करौं में भी शांतिपूर्ण तरीके से लागू किया जाने पर विचार विमर्श किया गया. बैठक में निर्णय लिया गया कि 29 जनवरी को करौं के तपसी मोड़ में एकत्रित होकर, प्रखंड अंतर्गत सभी सवर्ण जाति के गांव का प्रबुद्धजनों के एक बड़े समूह के द्वारा भ्रमण किया जायेगा व समाज के सभी लोगों को आगामी 1 फरवरी को एकजुट होने के लिए आग्रह किया जायेगा. 30 जनवरी को महाबंदी को सफल बनाने के लिए पुनः करौं पटाबर मैदान में एक बैठक आयोजित किया जायेगा. एक फरवरी को करौं तपसी मोड़ में समाज के सभी लोग एक बड़े समूह में एकत्रित होकर शांतिपूर्ण तरीके से पूरे करौं बाजार का भ्रमण करते हुए बंदी को सफल बनायेंगे. बैठक में बताया गया कि समाज के किसी भी वर्ग व समुदाय को हानि पहुंचाना नहीं है और न ही हम किसी वर्ग विशेष के साथ भेदभाव करते हैं. बल्कि सवर्ण समाज सभी वर्गों के सुख-दुख में हमेशा साथ रहा है और साथ रहेगा. हम सभी सवर्ण समाज के लोग आने वाले समय में वैसी कोई भी सरकार, राजनीतिक दल, राजनेता अथवा व्यक्ति के खिलाफ होंगे जो सवर्ण समाज के अधिकारों का हनन करेंगे. करौं प्रखंड की समस्त दुकानदारों व आम जनता को भी इस शांतिपूर्ण महाबंदी में सहयोग करने की अपील की. बैठक में प्रखंड क्षेत्र के गोविंदपुर, तारापुर, डुमरतर, सालतर, रामपुर, करौं, रानीडीह, केन्दबरिया, चांदचौरा, कोलडीह, रान्हा, सीरियां, डिंडाकोली, भलगढा, सिंहपुर, गंजेबारी, डहुआ के सभी सवर्ण गांव के प्रबुद्धजनों मौजूद थे.

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Published by: Balram

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