प्रगतिशील लेखक संघ गोष्ठी में गूंजा साहित्य का स्वर, हिंदी-खोरठा-अंगिका की कविताओं ने बांधा समां

देवघर में प्रगतिशील लेखक संघ की एक बैठक में साहित्य की महफिल सजी. हिन्दी, खोरठा और अंगिका भाषाओं में कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांधा. इस अवसर पर उपन्यासकार दीपक कुमार को सम्मानित भी किया गया.

देवघर : प्रगतिशील लेखक संघ की बैठक राम मंदिर रोड स्थित जिला कार्यालय परिसर में जिलाध्यक्ष प्रो. रामनंदन सिंह की अध्यक्षता में हुई. बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव लिया गया कि चाईबासा में होने वाली संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की पहली बैठक में देवघर से प्रदेश कार्यकारिणी के तीन सदस्य शामिल होंगे. तीनों सदस्य जिले की उपलब्धियों को प्रस्तुत करेंगे. इसके अलावा कई अन्य मुद्दों पर भी प्रस्ताव लिया जायेगा.

हिंदी, खोरठा व अंगिका में हुआ कविता पाठ

बैठक के दूसरे सत्र में कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ. इसमें हिंदी, खोरठा एवं अंगिका भाषा में कवियों ने अपनी-अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं और देर शाम तक समां बांधे रखा. आरंभ में डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव ने कविता पाठ किया, जबकि दीपक कुमार ने ओजपूर्ण कविता सुनायी.

रवि शंकर साह ने वर्तमान समाज के परिप्रेक्ष्य पर केंद्रित भावपूर्ण कविता प्रस्तुत कर समारोह को रोचक बना दिया. एफएम कुशवाहा ने खोरठा भाषा में साइबर ठगी पर केंद्रित कविता सुनायी और लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए सचेत किया. अनीता चौधरी ने किसान व अधिवक्ता के कार्यों पर आधारित तुलनात्मक कविता पाठ किया. धीरेंद्र छतहारवाला ने अंगिका में कविता पाठ किया.

उपन्यासकार दीपक कुमार सम्मानित

इस मौके पर संघ के सदस्य व कवि दीपक कुमार को सफल उपन्यासकार के तौर पर प्रलेस देवघर की ओर से सम्मानित किया गया. उन्हें प्रशस्ति पत्र तथा अंगवस्त्र प्रदान किया गया.

मौके पर लेखक प्रसन्न कुमार चौधरी के अलावा सुधीर कुमार, सुमन सौरभ, ममता प्रिया, आकाश कुमार, शिवांगी पांडेय, पारस सिंह झा, सरोज गुप्ता, शेखर सुमन, काजल कांति सिकदार आदि मौजूद थे. गोष्ठी का संचालन जिला महासचिव एफएम कुशवाहा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. रामनंदन सिंह ने किया.

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लेखक के बारे में

By फाल्गुनी मारिक

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

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