स्कूलों में बच्चों की दिव्यांगता की होगी स्क्रीनिंग, प्रशस्त एप 2.0 से चलेगा विशेष अभियान

सभी सरकारी व निजी स्कूलों में बच्चों की दिव्यांगता की प्रारंभिक जांच के लिए प्रशस्त एप 2.0 का इस्तेमाल किया जाएगा. विभाग ने उपायुक्तों को समय-सीमा में यह कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए हैं. सितंबर में स्क्रीनिंग का पहला चरण पूरा होगा.

देवघर : स्कूल शिक्षा व साक्षरता विभाग ने राज्य के सभी सरकारी व निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की दिव्यांगता की प्रारंभिक जांच के लिए प्रशस्त एप 2.0 से स्क्रीनिंग कराने का निर्देश दिया है. विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह ने सभी उपायुक्तों को पत्र जारी कर निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा कराने को कहा है.

निर्देश के अनुसार एक जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक प्रधानाध्यापक व शिक्षकों को प्रशस्त एप में लॉगिन कर उन्मुखीकरण संबंधी वीडियो देखने और प्रशिक्षण प्राप्त करने को कहा गया था. अब एक सितंबर से 30 सितंबर तक प्रधानाध्यापक अलग-अलग कक्षाओं में अध्ययनरत बच्चों की स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी शिक्षकों को देंगे.

सितंबर में पूरा होगा स्क्रीनिंग का पहला चरण

स्क्रीनिंग के दौरान शिक्षकों को पार्ट-1 का कार्य 30 सितंबर तक पूरा करना होगा. इसके बाद एक से 30 अक्तूबर तक पार्ट-2 की स्क्रीनिंग रिसोर्स शिक्षक/थेरैपिस्ट की ओर से पूरी की जायेगी.

स्क्रीनिंग पूरी होने के बाद दिव्यांग बच्चों की सूची तैयार कर यू-डायस प्लस-2026-27 में अपडेट की जायेगी. इसके साथ ही शिक्षकों को समावेशी शिक्षा से संबंधित ऑनलाइन मॉड्यूल का प्रशिक्षण भी लेना होगा.

विभाग ने संबंधित पदाधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को स्क्रीनिंग कार्य की नियमित निगरानी करने तथा निर्धारित समय-सीमा में पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

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लेखक के बारे में

By अजय कुमार यादव

राजेंद्र प्रसाद यूनिवर्सिटी, मुंबई से पीजी डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है. प्रभात खबर से जुड़ कर बीते 22 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में जुड़ा हुआ हूं. फिलहाल प्रभात खबर देवघर यूनिट में वरीय संवाददाता के पद पर कार्यरत हूं.

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