संवाददाता, देवघर. जिला पशुपालन कार्यालय परिसर में बुधवार को जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने पर जोर दिया. कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी, उद्यान पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, मत्स्य पदाधिकारी, सहकारिता पदाधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक-सह-प्रधान जिला पशुपालन पदाधिकारी ने किया. कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना और बेहतर नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देना रहा.
जिला कृषि पदाधिकारी ने इस दौरान विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए पशुपालकों से अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की. वहीं उद्यान पदाधिकारी ने पशुपालन से जुड़े जीविकोपार्जन के अवसरों पर प्रकाश डाला. विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों ने वैज्ञानिक पद्धति से पशुपालन पर जोर देते हुए बताया कि इससे उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि संभव है. जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ पीके. स्वाइन ने मुख्यमंत्री पशुधन योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है. उन्होंने पशुपालकों से सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली परिसंपत्तियों का सही उपयोग करने और इसे अपनी संपत्ति समझकर आगे बढ़ाने की अपील की. कार्यक्रम का संचालन भ्रमणशील पशु चिकित्सक डॉ विजय कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनील कुमार टोप्पो ने दिया. कार्यक्रम में कई पशु चिकित्सक, अधिकारी और सैकड़ों पशुपालक व कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता मौजूद रहे.20 मार्च को लगेगा पशु मेला
जिला प्रशासन द्वारा 20 मार्च को जिला कार्यालय परिसर में एक दिवसीय पशु मेला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पशुपालकों के बीच विभिन्न परिसंपत्तियों का वितरण भी किया जाएगा.*आधुनिक तकनीक से जुड़ेगा पशुपालन, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा देवघर*जिला स्तरीय कार्यशाला में पशुपालकों को अधिकारियों ने दी नयी तकनीकों की जानकारी
