प्रतिनिधि, मधुपुर
कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो. \" यह पंक्तियां प्रखंड के खखड़ा गांव की नेहा कुमारी पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं. सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपने हौसले और मेहनत के दम पर नीट-2026 में ऑल इंडिया 41,235वीं रैंक हासिल कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है. नेहा, किसान मृत्युंजय सिंह की पुत्री हैं. उन्होंने बताया कि बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना था. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने बामनगामा प्लस टू विद्यालय से मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्कृष्ट अंकों के साथ उत्तीर्ण की.
उसके बाद नेहा ने माता-पिता से नीट की तैयारी के लिए कोचिंग कराने की इच्छा जतायी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण यह संभव नहीं हो सका. पिता ने उन्हें घर पर रहकर ही तैयारी करने की सलाह दी. इसके बाद नेहा ने हार नहीं मानी. उन्होंने ऑनलाइन कक्षाओं का सहारा लिया और घर पर रहकर पढ़ाई की. परिणाम रहा कि उन्होंने नीट-2026 में ऑल इंडिया 41,235वीं रैंक प्राप्त कर अपने सपने की ओर मजबूत कदम बढ़ाया. नेहा की सफलता पर उनके माता-पिता ने खुशी जताते हुए कहा कि बेटी की पढ़ाई में आर्थिक अभाव कभी बाधा नहीं बनने देंगे. जरूरत पड़ने पर जमीन बेचनी पड़े या कर्ज लेना पड़े, लेकिन बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना हर हाल में पूरा करेंगे.
दामाकुंडी की सुभिक्षा ने हासिल 11,128वीं रैंक
प्रखंड के दामाकुंडी गांव निवासी सुधांशू कुमार की पुत्री सुभिक्षा सिंह ने नीट-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 11,128वीं रैंक हासिल की है. इसके साथ ही उन्होंने 99.426 पर्सेंटाइल प्राप्त करते हुए अपनी श्रेणी (कैटेगरी) में 1,231वीं रैंक हासिल कर परिवार, गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है.सुभिक्षा के दादा नंदकिशोर सिंह ने बताया कि वह बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं. उनकी सफलता के पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन का योगदान है. उन्होंने कहा कि सुभिक्षा की इस उपलब्धि से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है. सुभिक्षा की सफलता पर मुखिया प्रमोद राय उर्फ मंटू राय ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं. फोटो- सुभिक्षा की तस्वीर सिंगल में
