मधुपुर. शहर के नबी बक्स रोड स्थित मदरसा हिफजुल कुरान अल साल्हीन परिसर में मदरसा की ओर से अजमते कुरान कॉन्फ्रेंस व जलसा-ए-दस्तारबंदी का आयोजन किया गया. इस अवसर पर मदरसा के छोटे-छोटे बच्चों के बीच इस्लामी क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मदरसा के दो बच्चे राफाईदा रशीद व मो. साहिल इमाम को हिफ्ज कुरान को दास्तार से नवाजा गया. इस अवसर पर मौलाना मुफ्ती मुजफ्फर इकबाल कासमी ने कहा कि समाज को बेहतर और स्वच्छ बनाने के लिए सबसे अहम बुनियादी जरूरत बच्चों और बच्चियों को दीनी शिक्षा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि बच्चों को दीनी शिक्षा के साथ दुनिया शिक्षा भी जरूरी है. शिक्षा ही तरक्की की राह और समाज को बेहतर बनाने में मदद करता है. उन्होंने कहा कि समाज की लड़कियां शिक्षित नहीं होंगे तो समाज को बेहतर बनाने के सपना पूरी नहीं हो सकती है. उन्होंने कहा कि जिस चिराग में तेल ही ना हो वह कब तक रोशन रहेगा और कितने दिनों अपने ईद-गिर्द रोशन दे पायेगा. उन्होंने कहा कि एक पुरुष को शिक्षित होने से सिर्फ एक व्यक्ति शिक्षित हो सकते है. जबकि एक महिलाएं अगर शिक्षित हो तो पूरा खानदान शिक्षित होगा. इस मदरसे को हाफिज व करी मो. इमरान उल जमा कुरैशी की मेहनत के कारण हर वर्ष अपने आवासीय मदरसा से दो- चार बच्चों को हाफिज-ए-कुरान बनाकर दस्तारबंदी करते हैं. यह सातवां दस्तारबंदी है, जिसमें 7 वर्ष में 19 हाफिजे कुरान बनाकर निकले है. मौके पर तनवीर उल हसन, हजरत मौलाना मो. इलियास चतुर्वेदी सारठ, मौलाना मुफ्ती इमरान साहब कासमी, मौलाना मुफ्ती आबू सालेह कासमी गिरिडीह, मो. रिजवान उल्ला कासमी देवघर समेत दर्जनों उलेमा- ए- कराम आदि मौजूद थे.
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