सारठ. उर्स मेला के तीसरे दिन मंगलवार को बारिश होने के कारण भले ही जायरीनों की संख्या कम रही, लेकिन बाबा मखदूम के दरबार में हाजिरी लगाने वालों का तांता लगातार लगा रहा. प्रत्येक वर्ष 29 मार्च से लगने वाले इस उर्स मेला में दूर-दूर से जायरीन पहुंचकर अपनी मन्नतें मांगते हैं. वहीं, बाबा की कृपा से वर्षभर में मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु चादरपोशी कर बाबा का शुक्रिया अदा करते हैं. यहां श्रद्धालु चादर के साथ शेरनी (प्रसाद) के रूप में मुर्गा-पुलाव बाबा की खिदमत में पेश करते हैं. उर्स मेला कमेटी अध्यक्ष मो रबुल शेख और खादिम मुजफ्फर साह ने बताया कि मखदूम बाबा की महिमा चहुंओर फैली हुई है. विशेष रूप से संतान प्राप्ति की इच्छा लेकर आने वाले दंपती सच्चे मन से मन्नत मांगते हैं और बाबा की कृपा से उनकी गोद भरने की मान्यता है. कहा जाता है कि बाबा के दरबार से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता. करीब 50 वर्षों से आयोजित हो रहे इस मेले में इस वर्ष मेला कमेटी की ओर से साफ-सफाई और रोशनी की विशेष व्यवस्था की गयी है. कतारबद्ध दुकानों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे खरीदारी करते नजर आ रहे हैं. मेले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बीस सूत्री अध्यक्ष इस्तियाक मिर्जा, सीओ कृष्ण चंद्र सिंह मुंडा, थाना प्रभारी दीपक कुमार साह, अंचल निरीक्षक बिभास कुमार, राजस्व कर्मचारी मुकेश मुर्मू, उर्स मेला कमेटी अध्यक्ष मो रबुल शेख, मुजफ्फर साह समेत कई लोग निगरानी में जुटे हुए हैं.
आज विधायक करेंगे चादरपोशी
एक अप्रैल को सारठ विधायक चुन्ना सिंह संध्या सात बजे मखदूम बाबा की मजार पर पहुंचकर क्षेत्रवासियों की अमन, चैन और सलामती की कामना के साथ हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी चादरपोशी करेंगे. इस अवसर पर उनके साथ झामुमो के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहेंगे.
