राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत अभियान 10 से
राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन को लेकर कार्यक्रम आयोजित
मारगोमुंडा. प्रखंड कार्यालय सभागार में सोमवार को राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में प्रखंड क्षेत्र में संचालित विभिन्न स्कूलों के सचिवों ने भाग लिया. बैठक में बतौर प्रशिक्षण रत्नेश कुमार ने सचिवों को 10 नवंबर से चलनेवाले राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी. बताया कि त्वचा में दाग और दाग में सुनापन होना कुष्ट का लक्षण हो सकता है. ऐसे व्यक्ति को चिन्हित कर इसकी जानकारी संबंधित विभाग को देना आवश्यक है. कहा कि कुष्ठ रोग जिसे हैनसेन रोग के नाम से भी जाना जाता है. एक दीर्घकालिक संक्रामक रोग है जो माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक बैक्टीरिया के कारण होता है. यह रोग त्वचा, परिधीय तंत्रिकाओं, ऊपरी श्वसन पथ की श्लैष्मिक सतहों और आंखों को प्रभावित करता है. कुष्ठ रोग बचपन से लेकर बुढ़ापे तक सभी उम्र में हो सकता है. कुष्ठ रोग आनुवंशिक नहीं होता है. लेकिन यह अनुपचारित रूप से निकटता और लगातार संपर्क के दौरान नाक तथा मुंह से बूंदों के माध्यम से फैलता है. इसके उपचार के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि बीमारी का समुचित इलाज मिल सके. मौके पर तिमोथी मुर्मू, मो मुजफ्फर अंसारी, मो आफताब आलम, मो इमरान अंसारी, सुभाष कुमार, उदय कुमार दे, पवन कुमार तिवारी, उपेंद्र शरण, सुनीता कुमारी, बिसटू बेसरा, वकील पंडित, शमीम अंसारी, हीरो टुडू आदि मौजूद थे. हाइलार्ट्स : राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन को लेकर कार्यक्रम आयोजित
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