मधुपुर. नगर परिषद कार्यालय के सभागार में शनिवार को अध्यक्षा दरक्शां परवीन की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक आयोजित की गयी. बैठक के दौरान काफी हंगामा हुआ. प्रस्ताव में कथित छेड़छाड़ तथा प्रधान सहायक पर मनमाने ढंग से कार्य करने का आरोप लगाते हुए उपाध्यक्ष ऋषभ भारद्वाज समेत 14 वार्ड पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार किया और सभागार से बाहर निकल गये. बैठक से बाहर आने के बाद पार्षदों ने धरने पर बैठकर नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन कर रहे पार्षदों का आरोप था कि बोर्ड की कार्यवाही में उनकी बातों को महत्व नहीं दिया जा रहा है तथा प्रस्ताव में केवल कुछ लोगों के विचारों को ही दर्ज किया जा रहा है. उपाध्यक्ष ऋषभ भारद्वाज ने कहा कि बोर्ड को उसके अधिकारों के अनुरूप महत्व नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई कर्मी भी पार्षदों की बात नहीं मानते हैं और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को प्रस्ताव में शामिल नहीं किया जाता. उन्होंने कहा कि वार्ड की जनता के प्रति जवाबदेही पार्षदों की होती है, इसलिए उनकी बातों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है. पार्षदों ने चेतावनी दी कि इस प्रकार की कार्यशैली और मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद सभी पार्षद उपाध्यक्ष के कक्ष में जाकर बैठ गये. बहिष्कार व प्रदर्शन करने वालों में उपाध्यक्ष के अलावे वार्ड पार्षद राजेश कुमार, मो सज्जाद हुसैन, मो नौशाद आलम, मो शाहीद उर्फ इम्तियाज, गौतम कुमार, मो रिजवान, जहांआरा, सुनीता सिंह, मंजु देवी, रुही परवीन, सोनी देवी, मंजु यादव, सहीदा खातुन शामिल थे. बतातें चले कि नप में उपाध्यक्ष समेत कुल 23 पार्षद है.
क्या कहते हैं कार्यपालक पदाधिकारी
बोर्ड की बैठक का कोरम पुरा हो गया था. कई अहम प्रस्ताव पारित किया गया. धरना प्रदर्शन की जानकारी उन्हें नहीं है. प्रस्ताव में छेड़छाड़ नहीं हुआ है. प्रधान सहायक ने अगर गलत किया है तो जांच कर आगे की कार्रवाई की जायेगी.– सुरेंद्र किस्कू,
कार्यपालक पदाधिकारीनप बोर्ड की बैठक में कई प्रस्ताव पारित, सीसीटीवी कैमरा व पदाधिकारियों के क्वार्टर निर्माण समेत कई प्रस्ताव पारित
मधुपुर. शनिवार को आयोजित नप बोर्ड की बैठक की शुरुआत पिछली बैठक की कार्यवाही की संपुष्टि के साथ हुई. इसके बाद विभिन्न विकास योजनाओं पर चर्चा की गयी. सदन ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पारित करते हुए राजस्व वृद्धि, शहरी क्षेत्र की साफ-सफाई, लाइट व चापाकल मरम्मत जैसे मुद्दों पर पार्षदों के सुझावों पर सहमति व्यक्त किया. इसके अलावा, वाटर पार्क बनाने व नप कर्मियों के लिए क्वार्टर निर्माण के लिए भूमि चयन से संबंधित प्रस्ताव भी पारित किया गया. शहर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न चौक-चौराहों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव भी सदन से मंजूर किया गया. वार्ड नंबर 9 में लकड़ी मिल के पास मुख्य सड़क किनारे नाली निर्माण की घटनोत्तर स्वीकृति, खाली पडे नये स्थान पर स्टॉल निर्माण, स्टॉल किराया वृद्धि व संकरी गलियों में फॉगिंग गाड़ी नहीं जा पाने के कारण हैंड फॉगिंग मशीन खरीदने के लिए समिति गठित करने पर भी सहमति बनी. इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति, गांधी चौक और डालमिया कूप की मरम्मत, चापाकल, सोलर लाइट, जलमीनार के लिए नगर विकास विभाग को प्रस्ताव भेजने, अध्यक्षा, उपाध्यक्ष एवं पार्षदों के मानदेय भुगतान पर चर्चा हुई. कार्यपालक पदाधिकारी सुरेंद्र किस्कू ने बैठक को शांतिपूर्ण और रचनात्मक बताते हुए पारित प्रस्तावों को शहर के विकास की दिशा में अहम कदम बताया. हालांकि बैठक के दौरान उपाध्यक्ष और कुछ पार्षद नाराज होकर बैठक से निकल गये थे.
—नगर परिषद बोर्ड की बैठक में मनमानी का लगाया आरोप
बोर्ड की बैठक छोड़ कर पार्षदों ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी