लोकसभा चुनाव में झारखंड बॉर्डर पार नहीं कर पाएंगे अपराधी, ऐसी होगी तैयारी

लोकसभा आम चुनाव- 2024 को लेकर अंतरराज्यीय बार्डर सीलिंग व विधि व्यवस्था पर इंटर स्टेट बैठक सोमवार को झारखंड के देवघर सर्किट हाउस में हुई.

लोकसभा आम चुनाव- 2024 को लेकर अंतरराज्यीय बार्डर सीलिंग व विधि व्यवस्था पर इंटर स्टेट बैठक सोमवार को झारखंड के देवघर सर्किट हाउस में हुई. इसकी अध्यक्षता संताल परगना के आयुक्त लालचंद डाडेल व भागलपुर सह मुंगेर आयुक्त संजय कुमार सिंह ने की. बैठक में कहा गया कि लोकसभा में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रहेगी व शांतिपूर्ण मतदान कराना मुख्य उद्देश्य है.

इंटर स्टेट अपराधियों की सूची का हुआ आदान-प्रदान

बैठक के दौरान वैसे अपराधियों की सूची आदान-प्रदान की गयी, जो एक राज्य के क्षेत्र में अपराध कर दूसरे राज्य में भागे हुए हैं. वैसे चिन्हित अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया. भागलपुर आयुक्त संजय कुमार सिंह ने कहा कि चुनाव के दौरान सीमावर्ती राज्य व जिलों के थानों के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करने के साथ-साथ उड़नदस्ता दल को भी प्रतिनियुक्त किया जायेगा.

असामाजिक तत्वों का ब्योरा साझा करेंगे राज्यों के अधिकारी

अपराधियों के सीमावर्ती दूसरे जिले में आवागमन पर रोक रहेगी. साथ ही असामाजिक तत्वों का ब्यौरा भी दोनों राज्यों के जिले से साझा करना है. संताल परगना आयुक्त लालचंद डाडेल ने कहा कि सोशल मीडिया पर निगरानी के अलावा संचार की व्यवस्था के साथ आपसी समन्वय बनाये रखना है.

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ऐसे करेंगे सूचनाओं का आदान-प्रदान

उन्होंने कहा कि बिहार में शराब बंदी के मद्देनजर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी. नशीले पदार्थ, जाली नोट आदि की तस्करी पर सख्ती से निबटना है. बैठक में सीमावर्ती वाले इलाकों में पड़ने वाले बूथों पर विशेष चौकसी बरतने, चेकनाका पर विशेष चेकिंग अभियान चलाने, बॉर्डर वाले जंगली क्षेत्रों में संयुक्त रूप से एलआरपी चलाने, वाट्सएप ग्रुप के जरिये सूचनाओं का आदान-प्रदान करने का निर्णय लिया गया.

लोकसभा चुनाव के दौरान समन्वय के लिए उठाएंगे ये कदम

चुनाव से पहले सभी जिलों को मिलाकर अधिकारियों की वाट्सएप ग्रुप बनाया जायेगा. चुनाव के दौरान अशांति फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर सयुंक्त रूप से कार्रवाई की जायेगी. बैठक में सभी अधिकारियों ने निष्पक्ष व भयमुक्त वातावरण में चुनाव कराने का निर्णय लिया गया.

चेकपोस्ट पर लगाये जायेंगे सीसीटीवी कैमरे

बैठक में निर्णय लिया गया कि बिहार, झारखंड व बंगाल की सीमा पर चुनाव के दौरान चेकपोस्टों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे. इसके साथ ही एक्साइज चेकपोस्ट बनाये जाने के अलावा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर नक्सलियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जायेगी. मतदान के 48 घंटे पूर्व से ही चुनाव क्षेत्र में बाहरी मतदाता व बाहरी नेता को क्षेत्र से बाहर रखने के साथ-साथ बॉर्डर सील किया जायेगा.

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बैठक में ये अधिकारी हुए शामिल

बैठक में देवघर डीसी विशाल सागर, देवघर एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग, भागलपुर डीएम डॉ नवलकिशोर चौधरी, बांका के डीएम अंशुल कुमार, दुमका के एसपी पितांबर सिंह खैरवार समेत भागलपुर के एसएसपी, भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, जामताड़ा, पाकुड़ के डीसी, डीएम, एसपी व एसडीओ शामिल हुए.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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