चितरा में जमीन संकट से घटा कोयले का उत्पादन : महाप्रबंधक

जमीन मालिकों व परिजनों को समय पर नौकरी व अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही है : महाप्रबंधक

चितरा. विस्थापितों व जमीन मालिकों को समय पर वंशावली नहीं दिया मिल रहा है. इससे जमीन मालिकों व परिजनों को समय पर नौकरी व अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही है. यह बातें कोलियरी के महाप्रबंधक एके आनंद ने कहीं. उन्होंने कहा कि कोलियरी को जमीन नहीं मिल पा रही. कोलियरी का विस्तारीकरण नहीं होने से इसका प्रभाव कोयले के उत्पादन पर पड़ा है. कहा कि इसकी भरपाई वित्त वर्ष 2025- 26 में सभी के सहयोग से किया जायेगा. जीएम ने कहा कि चितरा कोलियरी में वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य से 12.7 प्रतिशत यानी 15 लाख 21 हजार 604 मिट्रिक टन कोयला उत्पादन हुआ है. जबकि कोयला डिस्पैच इस वित्तीय वर्ष में रोड सेल के तहत कुल 3.34 लाख टन कोयला डिस्पैच हुआ है. साथ ही रेलवे साइडिंग के लिए 9.96 लाख टन कोयला डिस्पैच किया गया. इसके अलावा कोलियरी प्रबंधन की ओर से 15.35 लाख एवं शर्मा आउटसोर्सिंग कंपनी से 24.91 लाख एवं एटीपीएल आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम 7.5 लाख क्यूबिक ओबी का उठाव किया गया है. कहा कि आगे और कड़ी मेहनत कर कोयला उत्पादन में बढ़ोतरी की जायेगी. ———————– एसपी मांइस में वित्तीय वर्ष 2024-25 में एसपी माइंस में 15.21 लाख हुआ कोयला उत्पादन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >