देवघर: राजकीय श्रावणी मेला 2026 में श्रद्धालुओं को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक इंतजाम किए हैं.मेला क्षेत्र में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों, अस्थायी अस्पतालों और चिकित्सा शिविरों में 9 अगस्त तक 74,753 श्रद्धालुओं का ओपीडी उपचार किया जा चुका है.इनमें 50,675 पुरुष, 21,301 महिलाएं और 2,777 बच्चे शामिल हैं.गंभीर स्थिति वाले 261 श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज के लिए उच्चतर चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया है.
एक दिन में 13 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का इलाज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 9 अगस्त को ही 13,104 श्रद्धालुओं का उपचार किया गया. इनमें 8,944 पुरुष, 3,689 महिलाएं और 471 बच्चे शामिल हैं.इस दौरान 38 मरीजों को उच्चतर चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया, जबकि 99 मरीजों का उपचार अथवा भर्ती किया गया.अब तक ऐसे कुल 455 मरीजों का उपचार दर्ज किया गया है.
पल्स पोलियो अभियान भी जारी
श्रावणी मेला के दौरान पल्स पोलियो अभियान के तहत अब तक 36,612 बच्चों को bOPV की खुराक दी जा चुकी है। इसके लिए 2,184 वैक्सीन वायल का इस्तेमाल किया गया। 9 अगस्त को स्थायी बूथों पर 2,073 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई, जिनमें 1,395 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गयी। इस दौरान 82 वायल का उपयोग हुआ।
111 चिकित्सक और 470 पारा-मेडिकल कर्मी तैनात
श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए देवघर समेत अन्य जिलों से चिकित्सा कर्मियों की तैनाती की गयी है. देवघर जिले से 20 चिकित्सा पदाधिकारी और 145 पारा-मेडिकल कर्मी तैनात हैं.वहीं, दूसरे जिलों से 91 चिकित्सा पदाधिकारी और 325 पारा-मेडिकल कर्मी भेजे गये हैं. इसके अलावा 27 एंबुलेंस-108 तथा 12 अन्य एंबुलेंस/जीप की व्यवस्था की गयी है.कुल मिलाकर 111 चिकित्सा पदाधिकारी और 470 पारा-मेडिकल कर्मी मेला क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं.
लापरवाही पर पांच स्वास्थ्यकर्मियों से स्पष्टीकरण
स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. सेवा में कमी और ड्यूटी में लापरवाही के मामले में पांच स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.इनमें नबाडीह शिविर के डॉ. ऋत्विक लोचन, पुराने सदर अस्पताल की इवनिंग शिफ्ट की डॉ. पूजा सिंह, क्यू कॉम्प्लेक्स के डॉ. ऋषिकेश चंद्र, हिंदी विद्यापीठ के एमपीडब्ल्यू करण राम और सोमनाथ भवन शिविर के एमपीडब्ल्यू सह शिविर प्रभारी जयकांत तांती शामिल हैं.
24 घंटे निगरानी, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
सिविल सर्जन डॉ एसपी मिश्रा और श्रावणी मेला के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केके सिंह ने बताया कि मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमें 24 घंटे सक्रिय हैं, श्रद्धालुओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ड्यूटी में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
