पालोजोरी : पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर पालोजोरी में अकीदत और एहतराम के साथ जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया. जुलूस के समापन पर आयोजित जलसे में उलेमाओं और बुद्धिजीवियों ने ‘दहेज भगाओ, बेटी बचाओ’ थीम पर विशेष तकरीर की.
दहेज के बजाय बेटियों को दें तालीम का तोहफा
मुख्य वक्ता ने कहा कि पैगंबर साहब की शिक्षाएं बेटियों का सम्मान करने और शादियां सादगी से करने का संदेश देती हैं. उन्होंने समाज से दहेज जैसी कुप्रथा को खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि बेटियों को दहेज के बजाय तालीम का तोहफा दिया जाए.
विभिन्न गांवों से पहुंचे लोग
जश्ने ईद मिलाद-उन-नबी के कार्यक्रम में पालोजोरी प्रखंड के बांधडीह, माथाडंगाल, कुमगढ़ा, सगराजोर, पोखरिया, महुवाडाबर, जरगड़ी, जड़गढ़ी और पथरघटिया समेत विभिन्न गांवों के उलेमा और लोग शामिल हुए.
उलेमाओं और स्थानीय लोगों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में मौलाना मु. शहीद आलम मिस्वाही, मौलाना सरफुद्दीन अंसारी, मुफ्ती सफीउल्लाह, सूफी जमाल साहब, मौलाना इब्राहिम आलम फैजी, मौलाना गुलाम सरवर, कारी सफीक आलम, मौलाना नसीम अख्तर और जामा नूरी मस्जिद पालोजोरी के इमाम कारी सद्दाम हुसैन समेत इलाके के सैकड़ों आलिम मौजूद रहे.
इसके अलावा अब्दुल रहीम कय्युम अंसारी, मुबारक अंसारी, अनवर अंसारी, असलम अंसारी, सफीक अंसारी, फिरोज अंसारी, नसीब अहमद, शाहिद अफरीदी, नसीम अंसारी, मु. अली हुसैन और डॉ. सिराज अंसारी समेत हजारों लोग कार्यक्रम में शामिल हुए.
