समाज और परिवार की धुरी हैं महिलाएं : प्रभारी प्राचार्य
अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा विरोधी पखवाड़ा कार्यक्रम आयोजित
मधुपुर. शहर के पथलचपटी स्थिति स्वयं सेवी संस्था प्रेरणा भारती के परिसर स्थित सभागार में मंगलवार को सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा विरोधी पखवाड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन संस्था के सचिव कल्याणी मीना, सावित्री देवी, सुमन कुमारी, पूर्व प्रधानाध्यापिका वाणी मुखर्जी, सेवानिवृत प्रोफेसर डॉ. आशीष सिन्हा ने संयुक्त रूप से किया. इस अवसर पर मधुपुर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रत्नाकर भारती ने कहा कि स्त्री और पुरुष परिवार रूपी गाड़ी के दो पहिया है. इनमें से किसी के साथ भी असमानता का व्यवहार परिवार के और अंतत: समाज और देश के विकास में बाधक बनता है. अतः इस असमानता के विरुद्ध व्यापक जन जागरुकता अभियान चलाने की आवश्यकता है. डॉ. रंजीत कुमार ने कहा कि समानता तो बेहद जरूरी है, लेकिन हमें मर्यादा का भी ख्याल रखना चाहिए. अनीता हेंब्रम व रजनी मुर्मू ने कहा कि हमें शिक्षित होकर स्वावलंबी व सशक्त बना होगा तभी इस समस्या का समाधान संभव है. अरुण कुमार निर्झर ने कहा कि जहां-जहां कानून और शिक्षा की रोशनी नहीं पहुंची है. वहीं गांव-समाज में हमें महिला पुरुष असमानता देखने को मिलती है, लेकिन जहां-जहां कानून की रोशनी और शिक्षा का प्रकाश फैला है, वहां से यह असमानता का अंधेरा अपनी चादर समेटते हुए दिखाई पड़ रहा है. हमें बालक और बालिका की शिक्षा पर व्यापक ध्यान देने की जरूरत है. इसके अलावा डॉ. आशीष सिन्हा, मारवाड़ी महिला मंच की सचिव शालिनी गुटगुटिया, जेंडर सीआरपी चेतनारी अनिता कुमारी, पूजा कुमारी आदि ने भी महिला हिंसा पर अपने- अपने विचार रखा. मौके पर मो. हुसैन, नादिरा परवीन, संगीता कुमारी, वहीदा फिरोजी, आफताब आलम, सिमोती मुर्मू, मुनमुन कुमारी, माया देवी, अनुपम मरांडी, रुखसार परवीन, संतोषी कुमारी, कविता सोरेन, छोटी सिंह मुंडा आदि मौजूद थे. हाइलाट्स: सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा विरोधी पखवाड़ा कार्यक्रम आयोजित
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