Indian Railways: 8 मेमू ट्रेनों की जगह चलेंगी 4 ट्रेनें, पूर्व रेलवे ने क्यों किया ट्रेनों का विलय

Indian Railways: पूर्व रेलवे ने 8 मेमू ट्रेनों का विलय करने का फैसला किया है. कहा कि 8 मेमू ट्रेनों की जगह अब 4 ट्रेनें चलेंगीं. इसका उद्देश्य क्या है, जानें.

Indian Railways: पूर्व रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है. कहा है कि 3 सितंबर से 8 मेमू ट्रेनों को 4 सुव्यवस्थित ट्रेन सेवाओं में विलय करने का निर्णय लिया है. यह जानकारी आसनसोल रेल मंडल की ओर से दी गयी है. पूर्व रेलवे ने कहा है कि इस विलय का उद्देश्य प्रमुख गंतव्यों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है, जिससे समग्र यात्रा अनुभव में वृद्धि होगी.

ये ट्रेनें 2 सितंबर से हो जाएंगी बंद

  • 03675 आसनसोल-झाझा मेमू पैसेंजर
  • 03548 आसनसोल-बर्दमान मेमू पैसेंजर
  • 03596 आसनसोल-बोकारो स्टील सिटी मेमू पैसेंजर
  • 03514 आसनसोल-बर्दमान मेमू पैसेंजर

इन ट्रेनों का कर दिया गया विलय

  • 03533 बर्दवान-आसनसोल मेमू पैसेंजर और ट्रेन संख्या 03675 आसनसोल-झाझा मेमू पैसेंजर का विलय करते हुए ट्रेन संख्या 03533 बर्दवान-झाझा मेमू पैसेंजर का गठन किया जायेगा. नयी मेमू ट्रेन बर्धमान से सुबह 07:30 बजे रवाना होगी और 12:55 बजे झाझा पहुंचेगी. दुर्गापुर, अंडाल और रानीगंज को छोड़कर विभिन्न स्टेशनों पर इस नयी ट्रेन के मौजूदा ठहराव समय में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.
  • 03519 बर्धमान-आसनसोल मेमू पैसेंजर और ट्रेन नंबर 03596 आसनसोल-बोकारो स्टील सिटी मेमू पैसेंजर को मिलाकर ट्रेन नंबर 03519 बर्धमान-बोकारो स्टील सिटी मेमू पैसेंजर बनाया गया है. यह नयी मेमू ट्रेन बर्धमान से दिन में 15:35 बजे रवाना होगी और रात को 23:56 बजे बोकारो स्टील सिटी पहुंचेगी. दुर्गापुर, अंडाल और रानीगंज को छोड़कर विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव समय में कोई बदलाव नहीं होगा.
  • 03676 झाझा-आसनसोल मेमू पैसेंजर और ट्रेन नंबर 03548 आसनसोल-बर्धमान मेमू पैसेंजर को मिलाकर ट्रेन नंबर 03676 झाझा-बर्धमान मेमू पैसेंजर का गठन किया जायेगा. यह नयी मेमू ट्रेन झाझा से 13:20 बजे रवाना होगी और 18:45 बजे बर्धमान पहुंचेगी. विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव समय में कोई बदलाव नहीं होगा.
  • 03595 बोकारो स्टील सिटी-आसनसोल मेमू पैसेंजर तथा ट्रेन संख्या 03514 आसनसोल-बर्धमान मेमू पैसेंजर को मिलाकर ट्रेन संख्या 03595 बोकारो स्टील सिटी-बर्धमान मेमू पैसेंजर का गठन किया जायेगा. यह नयी मेमू ट्रेन बोकारो स्टील सिटी से 03:30 बजे रवाना होगी तथा 11:00 बजे बर्धमान पहुंचेगी. इसका भी ठहराव समय अपरिवर्तित रहेगा.

क्या है ट्रेनों का विलय?

भारतीय रेलवे देश भर में हजारों ट्रेनें चलाती है. कई बार किसी रूट पर जब रेलवे को नुकसान होने लगता है, तो कुछ ट्रेनों को बंद कर दिया जाता है. कई बार रेलवे की ओर से कहा जाता है कि 2 या 3 ट्रेनों की जगह 1 ही ट्रेन चलाई जाएगी. इसे रेलवे 3 ट्रेनों का विलय कहता है. यानी 3 ट्रेन की जगह 1 ट्रेन ही चलेगी.

पूर्व रेलवे ने अभी कितने ट्रेनों के विलय का फैसला किया है?

वर्तमान में पूर्व रेलवे ने 8 मेमू ट्रेनों का विलय करने का फैसला किया है. अभी इन 8 की जगह सिर्फ 4 ट्रेनें ही चलेंगी.

पूर्व रेलवे ने मेमू ट्रेनों के विलय का फैसला क्यों किया?

पूर्व रेलवे ने मेमू 8 ट्रेनों का विलय करके 4 ट्रेनें चलाने का फैसला किया है. कहा है कि इसका उद्देश्य यात्रियों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है. इसे यात्रियों को सुखद अनुभूति होगी.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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