Deoghar News : शीघ्रदर्शनम् व कतार व्यवस्था में बदलाव की मांग, धर्मरक्षिणी सभा ने रखी सात मांगें

बाबाधाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर पंडा धर्मरक्षिणी सभा के महामंत्री निर्मल झा मंटू ने डीसी सह मंदिर प्रशासक को सात प्रमुख बिंदुओं पर आधारित एक ज्ञापन सौंपा है.

संवाददाता, देवघर : बाबाधाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर पंडा धर्मरक्षिणी सभा के महामंत्री निर्मल झा मंटू ने डीसी सह मंदिर प्रशासक को सात प्रमुख बिंदुओं पर आधारित एक ज्ञापन सौंपा है. उन्होंने इन बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर उसे श्रावणी मेले से पहले लागू करने की मांग की है. उनका कहना है कि इससे प्रशासन की छवि सुधरेगी और श्रद्धालुओं को भी सहूलियत मिलेगी. इसमें कहा गया है कि शीघ्रदर्शनम् के श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए अलग रास्ते की व्यवस्था हो. यह रास्ता टी-प्वाइंट के पास से निर्धारित किया जा सकता है. इस बारे में पूर्व डीसी से सहमति मिल चुकी थी और उन्होंने 2025 सावन मेले से पहले इस व्यवस्था को लागू करने का आश्वासन दिया था. वहीं शीघ्रदर्शनम् व्यवस्था को अधिक सुचारु बनाने के लिए एक अलग कमेटी और सेवा दल के गठन का प्रस्ताव रखा गया है. इसमें स्थानीय जरूरतमंद युवाओं को शामिल कर उन्हें कतार प्रबंधन, घुसपैठ और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण तथा श्रद्धालुओं को सहयोग का जिम्मा दिया जाये.

टाइम स्लॉट व्यवस्था और आरामदायक कतार की जरूरत

धर्मरक्षिणी सभा ने मांग की है कि शीघ्रदर्शनम् में टाइम स्लॉट की व्यवस्था होनी चाहिए. हर घंटे 10-15 मिनट शीघ्रदर्शनम् श्रद्धालुओं को जलार्पण का अवसर मिले, शेष समय सामान्य कतार वालों को दिया जाये. एक समय में दो स्लॉट के लोगों को कतार में लगाया जाये और बाकी श्रद्धालुओं को उनके समय से एक घंटे पहले उमा भवन में बैठने की व्यवस्था दी जाये. साथ ही सामान्य श्रद्धालुओं के लिए क्यू कॉम्प्लेक्स में स्थायी कतार और वेटिंग हॉल की व्यवस्था करने की मांग की गयी है.

कतार में वातानुकूलित व्यवस्था व पानी की सुविधा की जरूरत

गर्मी की वजह से श्रद्धालुओं के बेहोश होने की घटनाओं को देखते हुए संस्कार भवन, शीघ्रदर्शनम् कतार और फुट ओवरब्रिज पर पानी, बिजली और वातानुकूलित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गयी. वहीं बाबा मंदिर परिसर के कई स्थानों पर तत्काल मरम्मत की जरूरत बतायी गयी है. इसके लिए सभा से विमर्श कर कार्य करने का सुझाव दिया गया है. छठी मांग के तहत मंदिर कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड लागू करने की बात कही गयी है ताकि श्रद्धालुओं को यह स्पष्ट हो सके कि वे मंदिर स्टाफ हैं.

वाहन पार्किंग और प्रशासनिक भवन में प्रवेश पर रोक की मांग

इसके अलावा मंदिर कर्मचारियों को पार्किंग की सुविधा देने के लिए क्यू कॉम्प्लेक्स के नीचे स्थायी पार्किंग स्थल विकसित करने की बात कही गयी है, जिससे मंदिर क्षेत्र में जाम की स्थिति से बचा जा सके. साथ ही, महामंत्री ने प्रशासनिक भवन के रास्ते से किसी भी श्रद्धालु के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है.

हाइलाइट्स

पंडा धर्मरक्षिणी सभा के महामंत्री ने डीसी को सौंपा ज्ञापन

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Published by: Sanjeev mishra

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