मधुपुर. प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले पतरो नदी समेत आसपास के नदियों व जोरिया से प्रत्येक दिन बे-रोक टोक बालू का उठाव अवैध ढंग से किया जा रहा है. बालू कारोबारी प्रत्येक दिन सुबह चार बजे से नदी घाटों में पहुंच कर बालू उठाव में लग जाते है. इससे सरकार को लाखों के राजस्व की हानि हो रही है. पतरो नदी के मोहनपुर, नवा पतरो, कसाठी, साप्तर, लोहरोजोर, सिंघो के अलावा जयंती नदी के रामपुर, चेतनारी, बरसतिया आदि दर्जनों घाट से सैकड़ों ट्रैक्टर बालू का उठाव हो रहा है. बताया जाता है कि महीना में कुछ गिने चुने दिन ही बालू उठाव को लेकर छापेमारी की जाती है, लेकिन छापेमारी से पहले ही बालू माफिया ट्रैक्टर लेकर भाग निकलते हैं. बताया जाता है कि बालू चलाने वाले गिरोह का सदस्य अहले सुबह से ही थाना गेट के बाहर बाइक व मोबाइल लेकर खड़े हो जाते हैं और पुलिस व प्रशासन की गतिविधियों पर नजर रखते हैं. पुलिस की गाड़ी निकलते ही विभिन्न ट्रैक्टर संचालकों व नदी घाटों पर फोन कर इसकी सूचना दे दी जाती है, जिसके कारण ट्रैक्टर संचालक वहां से भाग निकलते हैं. बताते चले कि फिलहाल मधुपुर के किसी भी घाट में बालू उठाव के लिए निविदा नहीं निकाली गयी है. सभी जगहों पर अवैध रूप से बालू का उठाव व परिवहन किया जा रहा है. — मधुपुर में घाट से बालू उठाव के लिए नहीं निकली गयी निविदा पतरो नदी से जयंती नदी तक बालू की लूट, रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर का अवैध उठाव छापेमारी से पहले ही फरार हो जाते हैं बालू माफिया, पुलिस व्यवस्था पर उठे सवाल मधुपुर में धड़ल्ले से चल रहा अवैध बालू खनन, सरकारी राजस्व को लग रहा चूना
जयंती व पतरो नदी घाट से हो रहा बालू का उठाव
मधुपुर: मोहनपुर से रामपुर तक अवैध बालू कारोबार से सरकार को लाखों का नुकसान
