मधुपुर. शहर के किसान भवन परिसर में गुरुवार को झारखंड राज्य आंदोलनकारी प्रमाण पत्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. इस अवसर पर अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि आंदोलनकारियों ने झारखंड राज्य अलग बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. सभी के सामूहिक प्रयास, त्याग, संघर्ष व बलिदान के फलस्वरूप अलग राज्य झारखंड का निर्माण हुआ है. उन्होंने कहा कि यह गर्व का क्षण है. जिसमें सबों की भूमिका अहम रही. उन्होंने कहा कि मधुपुर विधानसभा क्षेत्र से करीब 450 आंदोलनकारियों को चिन्हित किया गया है. साथ ही छूट हुए आंदोलनकारी की जांच करके उनका नाम जोड़ा जायेगा. कहा कि मंईयां सम्मान योजना में वैसी महिलाओं ने योजना का लाभ ले लिया है, जिनके पति सरकारी नौकरी में हैं. इसीलिए जांच व सत्यापन किया जा रहा है. गुरुजी शिबू सोरेन ने जो वादा किया है उसे हमलोग पूरा कर रहे है. वृद्धा पेंशन में केंद्र सरकार व राज्य की भागीदारी होती है. केंद्र सरकार ने वृद्धा पेंशन अंश की राशि रोक दिया है. राज्य सरकार ने नहीं रोका है. इससे पूर्व कार्यक्रम के शुरुआत में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया. मंत्री व उपायुक्त ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया.
जिले में करीब 3350 झारखंड आंदोलनकारी को किया गया चिन्हित : नरसिंह मुर्मू
उपायुक्त विशाल सागर ने कहा कि जिला प्रशासन के लिए हर्ष का विषय हैं कि सबसे पहले मधुपुर में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसके कर्तव्य से झारखंड राज्य मिला है. उन लोगों को सम्मान करने की जरूरत है. पेंशन समेत अन्य योजना सरकार के तरफ से इन्हें मिलेंगे. इनको प्रमाण पत्र दिया जा रहा है. आगे की प्रक्रिया सरकार के निर्देश पर होगा. झारखंड आंदोलनकारी चिह्नितिकरण समिति के सदस्य नरसिंह मुर्मू ने कहा कि देवघर जिले में करीब 3350 झारखंड आंदोलन कारी को चिन्हित किया गया है. मंच संचालन राजेश कुमार राय ने किया. मौके पर मधुपुर एसडीओ राजीव कुमार, सीओ यामुन रविदास, मारगोमुंडा बीडीओ शशि संदीप सोरेन, देवीपुर सीओ खूबलाल राम, करौं बीडीओ हरि उरांव, कंगलू मरांडी, रजनी मुर्मु, जयप्रकाश मंडल, दिनेश्वर किस्कू, अलताफ हुसैन आदि दर्जनों लोग मौजूद थे.
——————-जिन आंदोलनकारी का नाम छूटा है उनका नाम जुड़ेगा : मंत्रीझारखंड राज्य आंदोलनकारियों को सम्मान समारोह आयोजित कर 451 को दिया गया प्रमाण पत्र
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
