कोचिंग एसोसिएशन ने हिंदी दिवस पर साहित्यकारों को किया सम्मानित

हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि अपनेपन व एकता का प्रतीक है

मधुपुर. कोचिंग एसोसिएशन के सदस्यों ने हिंदी दिवस पर हिंदी साहित्य व समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित किया. सम्मानित होने वालों में साहित्यकारों में चंद्रकिशोर शर्मा, धनंजय प्रसाद व परमानंद बरनवाल को उनके आवास पर जाकर हिंदी रत्न सम्मान से सम्मानित किया. इस अवसर पर कोचिंग एसोसिएशन के संयोजक प्रेम पाठक ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का क्षण है कि हिंदी जगत की विभूतियों को उनके घर जाकर सम्मानित करने का अवसर मिला. हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि अपनेपन व एकता का प्रतीक है. जो जन-जन को जोड़ने का कार्य करती है. वहीं, भूमन्यु सौरभ ने कहा कि हिंदी हमारी जीवन मूल्यों व संस्कारों की संवाहक है, जो राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना को जीवंत बनाए रखती है. संस्था के सचिव अरविंद मिश्रा ने कहा कि हिंदी हमारी पहचान, स्वाभिमान व सम्मान है. हमें अपनी राजभाषा पर गर्व करना चाहिए और इसके संवर्धन में योगदान देना चाहिए. सम्मानित साहित्यकारों ने संस्था की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गौरव का विषय है. कोचिंग एसोसिएशन ऑफ मधुपुर का यह प्रयास निश्चय ही प्रेरणादायक है और समाज में सकारात्मक संदेश देगा. मौके पर संस्थान के वरिष्ठ सदस्य सतीश शर्मा समेत अन्य सदस्य मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By BALRAM

BALRAM is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >