वरीय संवाददाता, देवघर। अर्जुना अवार्डी और भारतीय लॉन बॉल्स की स्टार खिलाड़ी नयनमोनी साकिया ने गुरुवार को बाबा वैद्यनाथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने बाबा से खेल जगत के विकास और खिलाड़ियों की सफलता की कामना की। इस अवसर पर जिला ओलंपिक संघ की सचिव चंदना झा ने नयनमोनी को चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया। मौके पर झारखंड लॉन बॉल संघ के कार्यकारी सचिव आशीष झा भी मौजूद रहे।
कृषक परिवार से निकलीं, खेल में बनाया मुकाम
असम के एक कृषक परिवार से आने वाली नयनमोनी ने अपने खेल करियर की शुरुआत भारोत्तोलन से की थी। शुरुआती दौर में उन्होंने इसी खेल में आगे बढ़ने का सपना देखा, लेकिन पैर में लगी चोट के कारण उन्हें भारोत्तोलन छोड़ना पड़ा। यह उनके लिए बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी।
चोट के बाद लॉन बॉल्स को बनाया नया रास्ता
भारोत्तोलन छोड़ने के बाद नयनमोनी ने लॉन बॉल्स को अपना नया खेल बनाया। शुरुआत में नया खेल उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर उन्होंने इसमें अपनी अलग पहचान बनायी। धीरे-धीरे उनका चयन राष्ट्रीय स्तर पर हुआ और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश का प्रतिनिधित्व किया।
कॉमनवेल्थ में स्वर्ण जीतकर रचा इतिहास
नयनमोनी के करियर का सबसे यादगार पड़ाव वर्ष 2022 का बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स रहा। भारतीय महिला लॉन बॉल्स टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता और इतिहास रचा। इस ऐतिहासिक सफलता में नयनमोनी की अहम भूमिका रही। उनकी उपलब्धि ने देश में लॉन बॉल्स को नयी पहचान दिलाने में भी योगदान दिया।
संघर्ष और संकल्प की मिसाल
नयनमोनी की यात्रा इस बात की मिसाल है कि विपरीत परिस्थितियां मंजिल की राह रोक नहीं सकतीं। चोट के कारण एक खेल छोड़ने के बावजूद उन्होंने नए खेल को अपनाया और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों को संघर्षों से घबराये बिना अपने लक्ष्य के प्रति लगातार डटे रहने की प्रेरणा देती है।
