वरीय संवाददाता, देवघर. देवघर में एटीएम कार्ड फंसाकर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. साइबर थाने की पुलिस ने विशेष छापेमारी अभियान चलाकर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपितों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में मंडल कारा भेज दिया गया है. पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी सौरभ ने कहा कि एटीएम कार्ड फंसाकर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. एसपी ने बताया कि साइबर डीएसपी राजा कुमार मित्रा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी जांच व गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर इन आरोपितों को पकड़ा. उन्होंने टीम में शामिल पुलिस पदाधिकारियों व जवानों की सराहना की और उन्हें बधाई दी. एसपी ने कहा कि जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्य एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में डिस्पोवैन की निडिल की मदद से फेविक्विक गोंद लगा देते थे. कई मामलों में च्यूइंग गम का भी इस्तेमाल किया जाता था. इससे ग्राहक का एटीएम कार्ड मशीन में फंस जाता था. इसके बाद आरोपी खुद को टेक्नीशियन बताकर मौके पर पहुंचते थे और मदद के बहाने कार्ड बदल लेते थे. बाद में उसी एटीएम या अन्य स्थानों से अवैध निकासी कर फरार हो जाते थे. हाल के महीनों में नगर व जसीडीह थाना क्षेत्र में इस तरह की कई घटनाएं सामने आयी थीं. लगातार बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम का गठन किया गया. इसके बाद छापेमारी टीम ने इन लोगों को दबोच लिया. छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपितों के पास से आठ मोबाइल फोन, छह सिमकार्ड, 10 एटीएम कार्ड, एक स्कॉर्पियो वाहन, आठ डिस्पोवैन निडिल, 30070 रुपये नकद, फेविक्विक लगा एक निडिल बरामद किया है. छापेमारी टीम में साइबर थाना प्रभारी देवेश कुमार भगत, इंस्पेक्टर नागेंद्र कुमार मंडल, एसआई संतोष कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे.
बिहार के नवादा और जमुई जिले के आरोपी
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में बिहार के नवादा जिले के धमौल थाना क्षेत्र के अंजुनार गांव निवासी दिलखुश कुमार, जमुई जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के गोखुला गांव निवासी रजनीकांत कुमार उर्फ टिंकू, मोहन कुमार और मनीष कुमार सिंह शामिल हैं.
गिरोह के सदस्यों ने कई जिलों में घटनाओं को दिया अंजाम
एसपी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य देवघर के अलावा झारखंड के बोकारो, धनबाद और बिहार के मुंगेर जिले में भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं. उन्होंने आमलोगों से सतर्क रहने की अपील की. एसपी ने कहा कि एटीएम में चिपकाये गये किसी भी अनजान मोबाइल नंबर पर भरोसा नहीं करें. यदि कोई व्यक्ति खुद को टेक्नीशियन बताकर मदद की पेशकश करता है तो उस पर विश्वास न करें. केवल बैंक के आधिकारिक नंबरों पर ही संपर्क करें और आवश्यक जानकारी प्राप्त करें.
हाइलाइट्स
॰फेविक्विक व च्यूइंग गम से एटीएम मशीन को कर देते थे जाम, मदद के बहाने कार्ड बदलकर आरोपित करते थे ठगी॰झारखंड व बिहार के कई जिलों में फैला है गिरोह का नेटवर्क
॰साइबर डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम ने की छापेमारी॰आठ मोबाइल, छह सिमकार्ड, 10 एटीएम कार्ड, स्कॉर्पियो, आठ डिस्पोवैन निडिल, नकद 30070 रुपये व फेविक्विक लगा एक डिस्पोवैन निडिल बरामद
