बुजुर्गों की बढ़ती आबादी व उनकी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के लिए खुद को करें तैयार : डॉ सिंह आलोक बिनोद कुमार

राष्ट्रीय बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल (एनपीएचसीई) कार्यक्रम को लेकर गुरुवार को आइएमए हॉल में प्रखंडों के सीएचओ को प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षक डॉ सिंह आलोक बिनाद कुमार ने बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवा पर जोर दिया.

संवाददाता, देवघर . राष्ट्रीय बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल (एनपीएचसीई) कार्यक्रम को लेकर गुरुवार को पुराना सदर अस्पताल स्थित आइएमए हॉल में प्रशिक्षण दिया जायेगा. इसकी अध्यक्षता जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार गुप्ता ने की. प्रशिक्षण में शामिल सभी प्रखंड के सीएचओ को प्रशिक्षक डॉ सिंह आलोक बिनाद कुमार ने कहा कि भविष्य में बुजुर्गों की आबादी बढ़ने की संभावना है, साथ ही संचारी से गैर-संक्रामक में बीमारी भी बढ़ती जा रही है. बताया कि स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली बुजुर्गों की बढ़ती स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए खुद को तैयार करे, साथ ही लोगों को अपनी जिंंदगी में बुजुर्ग होने का एहसास करना पड़ता है और उसमें होनेवाली परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है. बुढ़ापे में शरीर शारीरिक रूप से कमजोर हो जाता है, किसी भी काम करने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है. हड्डियों और मांसपेशियों की ताकत कम होने लगती है, दृष्टि कमजोर होती है. ऐसे में उसकी देखभाल करना जरूरी होता है. बुजुर्गों में मानसिक स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है, इसलिए उनके साथ रहने वाले को इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. उनके होने वाले मानसिक परिवर्तनों पर नजर रखें जैसे अधिक भूलने की शिकायत, रास्ता भूल जाना और चलते समय संतुलन खोना. वहीं मौके पर डॉ मनोज कुमार ने कहा यदि बुजुर्ग सदस्य का स्वास्थ्य खराब हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. इसके अलावा भी कई प्रकार की जानकारी दी. मौके पर एफएलसी रवि कुमार सिन्हा, रवि चंद्रा मुर्मू , अभिषेक कुमार समेत अन्य थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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