स्त्रियों की शिक्षा में सावित्रीबाई फुले की अहम योगदान

मधुपुर के मछुवाटांड़ में कार्यक्रम का आयोजन

मधुपुर. शहर के मछुवाटांड़ स्थित निजी आवास परिसर में शुक्रवार को बसपा कार्यकर्ताओं ने सावित्रीबाई फुले की जयंती मनायी. इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने सावित्रीबाई फुले की तस्वीर पर माल्यार्पण कर नमन किया. इस अवसर पर इंद्राणी देवी व अर्जुन दास ने सावित्रीबाई फुले की उपलब्धि को विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि नारियों के शिक्षा का अग्रदूत सावित्रीबाई फुले है. समाज में महिलाओं को पढ़ने लिखने के लिए माता सावित्रीबाई फुले ने कठिन संघर्ष कर नारी को शिक्षित करने का काम किया. माता सावित्रीबाई फुले ने संघर्ष कर पहला विद्यालय 1 जनवरी 1848 को खोलकर हम नारियों को पढ़ने का अवसर दिया. इसीलिए विद्या की देवी भी कहा जाता है. मौके पर बृजनंदन दास, सीमा देवी, माया देवी, चांदनी देवी, आरती कुमारी, निधि कुमारी, खुशबू कुमारी, शोभा देवी, सुमित कुमार, रवि कुमार, देवनंदन कुमार, अनमोल राज, अनीता देवी, संजना कुमारी, विशाल कुमार, मिथिलेश कुमार, सिंटू कुमार, आराध्या भारती आदि मौजूद थे. ——————- बसपा कार्यकर्ताओं ने सावित्रीबाई फुले की मनायी जयंती

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >