मधुपुर. शहर के भगत सिंह चौक पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती समारोह पूर्वक मनायी गयी. इस अवसर पर राहुल अध्ययन केंद्र के सदस्यों ने भगत सिंह के आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया. मौके पर धनंजय प्रसाद ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगतसिंह आज भी प्रासंगिक है. अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ते हुए फांसी के फंदे को चूम लिया था. वे शक्तियां आज भी बलवती व क्रूर रूप से मौजूद है. बल्कि समाज व व्यवस्था पर काबिज ही नहीं, परोक्ष रूप सब संचालन भी कर रही है. भगत सिंह के सपनों का भारत बनाने के लिए नौजवानों को आगे आने की जरूरत बताया. इसके अलावा खोरठा भाषा साहित्य के डाॅ ए के झा की पुण्यतिथि पर याद किया गया. उन्होंने कहा कि डाॅ एके झा खोरठा भाषा, साहित्य व संस्कृति के संरक्षक थे. उन्होंने खोरठा भाषाक पदेक खड़ी, गदेक खड़ी, खोरठा व्याकरण, कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक, उपन्यास, यात्रा वृत्तांत, समीक्षा सहित दर्जनों खोरठा आलेख लिखे और स्तम्भकार के रूप निरंतर अखबारों में लिखकर खोरठा साहित्य को समृद्ध किये. मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
