छह जलमीनार खराब, ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे

चितरा: भीषण गर्मी में पेयजल संकट गहराया

चितरा. सारठ प्रखंड की शिमला पंचायत में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराता जा रहा है. पंचायत क्षेत्र में लगभग छह जलमीनार खराब पड़े होने से ग्रामीणों को पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बताया गया कि बीरमाटी दास टोला, शिमला मंडल टोला, बेहंगा संथाल टोला, रखजोर और शिमला मुस्लिम टोला सहित कई इलाकों में जलमीनार लंबे समय से बंद पड़े हैं. ऐसे में सैकड़ों ग्रामीण इस गर्मी में पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं. समस्या केवल पेयजल तक सीमित नहीं है. पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में लगे हैंडवॉश और हैंडपंप भी खराब पड़े हैं. लोकपुर प्राथमिक विद्यालय, पंडरिया आंगनबाड़ी केंद्र और महलजोरी मध्य विद्यालय में पानी की व्यवस्था बाधित होने से छोटे बच्चों और छात्र-छात्राओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग को सूचना देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी है. इस संबंध में पंचायत समिति सदस्य रघुनंदन सिंह ने बताया कि जलमीनारों का निर्माण 15वें वित्त आयोग की राशि से कराया गया था और सप्लायर को पांच वर्षों तक मरम्मत की जिम्मेदारी दी गयी है, लेकिन इसके बावजूद मरम्मत कार्य नहीं किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह जलमीनार जल्दबाजी में खड़ा कर राशि की निकासी कर ली जाती है, जबकि रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता. उन्होंने मांग की कि खराब पड़े जलमीनार और हैंडपंपों को जल्द से दुरुस्त किया जाये. वहीं, मुखिया खुशबू देवी ने बताया कि खराब जलमीनारों की रिपोर्ट विभाग को भेज दी गयी है. साथ ही उन्होंने कहा कि 30 चापानलों को ठीक करा दिया गया है और बाकी बचे चापानलों को एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है.

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By SANJAY KUMAR RANA

SANJAY KUMAR RANA is a contributor at Prabhat Khabar.

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