मधुपुर. शहर में पिछले दो वर्षों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए विभाग के कार्यपालक अभियंता राहुल प्रियदर्शी और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुरेंद्र किस्कू ने पतरो नदी, मोहनपुर घाट स्थित इंटक वेल और फिल्ट्रेशन प्लांट का निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारियों ने शहरी जलापूर्ति में आ रही दिक्कतों के बारे में कर्मियों से विस्तृत जानकारी ली. इस अवसर पर सुरेंद्र किस्कू ने कहा कि भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए पूर्व की भांति पुरानी शहरी जलापूर्ति योजना के माध्यम से शहरवासियों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जायेगी. उन्होंने विभागीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि तकनीकी समस्याओं को अविलंब दुरुस्त किया जाए, जिसमें नगर परिषद भी पूरा सहयोग देगा. फिलहाल नगर परिषद ने एक अस्थायी समाधान के तहत नयी जलापूर्ति योजना के इंटेक को चालू कर पुराने पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए पानी सप्लाई करने का निर्णय लिया है. वहीं, पूर्व वार्ड पार्षद शबाना परवीन ने नयी शहरी जलापूर्ति योजना पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि यह योजना शहर के लिए हाथी का दांत साबित हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि 23 वार्डों में से 9 वार्डों में अब तक मुख्य पाइपलाइन तक नहीं बिछाई गयी है. शबाना परवीन ने कहा कि 64 करोड़ रुपये की इस योजना को शुरू हुए आठ साल बीत चुके हैं और इसकी लागत बढ़कर 100 करोड़ रुपये से अधिक हो गयी है, लेकिन काम आज भी अधर में लटका हुआ है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर शहरवासियों को कब तक पानी का सपना दिखाया जायेगा और क्या मधुपुर में घर-घर जलापूर्ति सिर्फ सपना बनकर रह जायेगी. उन्होंने प्रदेश के मंत्री हफीजुल हसन से मांग की है कि नयी शहरी जलापूर्ति योजना को जल्द से जल्द पूरा कर शहर के लोगों को नियमित पानी उपलब्ध कराया जाए. मौके पर पीएचइडी विभाग के सहायक अभियंता अशुतोष कुमार आदि मौजूद थे. हाइलार्ट्स : 8 साल, 100 करोड़ खर्च… फिर भी प्यासा शहर मधुपुर की जलापूर्ति योजना सवालों के घेरे में
शहरी जलापूर्ति चालू किये जाने को लेकर अधिकारियों ने पतरो नदी इंटक वेल का किया निरीक्षण
मधुपुर की जलापूर्ति योजना सवालों के घेरे में
