मधुपुर. महुआडाबर मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक सह शिक्षक नेता संजय कुमार दास की बम मारकर हत्या का मामला को सुलझाने का दावा पुलिस कर रही है. पर शिक्षक के परिजनों और आम लोगों के गले से यह बात नहीं उतर रहा है कि एक 62 वर्षीय कोठी का केयर टेकर दिनदहाड़े अकेले बमबाजी कर शिक्षक की हत्या कर देता है और आसानी से निकल जाता है. जबकि केयर टेकर का कोई आपराधिक रिकाॅर्ड भी स्पष्ट नहीं है. शिक्षक की पत्नी उषा रानी दास ने बताया कि संजय की हत्या करने को लेकर बड़ा षड्यंत्र रचा गया है. इसमें सिर्फ 62 वर्ष का एक व्यक्ति दिनदहाड़े बम मारकर हत्या में शामिल नहीं हो सकता. हत्याकांड में कई लोग शामिल है. पुलिस पूरे मामले की तह में नहीं गयी है. हत्याकांड का सही ढंग से उद्भेदन नहीं हुआ है. यह अधूरा उद्भेदन है. हत्याकांड में और कितने लोग शामिल हो सकते है. इसको लेकर भी परिजनों में तरह-तरह की चर्चा है. पुलिस ने करोड़ों की विवादित धमना कोठी के केयरटेकर बलदेव राय को संजय हत्याकांड में अप्राथमिक अभियुक्त बनाकर जेल भेज चुकी है. गिरफ्तार बलदेव राय के पास से जो टीवीएस बाइक पुलिस ने बरामद किया है, वह बाइक किसकी है. बाइक पर और कौन-कौन सवार होकर हत्याकांड को अंजाम देने गये थे. इस तरह की कई सवाल उठ रहे है. घटना में जब्त बाइक जामताड़ा जिले में पंजीकृत है. जो केयर टेकर या उसके परिजन के नाम से नहीं है. हत्याकांड में प्रयुक्त बम कहां से आया. किसने बम बनाया या किसने बम की आपूर्ति किया. केयरटेकर बलदेव राय को किसने सहयोग दिया. जैसे कई गुत्थी अब भी अबूझ पहेली बनी है. हालांकि पुलिस अब भी मामले की तहकीकात कर रही है. चार व्यक्ति से हिरासत में बुधवार को भी पूछताछ कर रही है. जबकि हत्या के बाद शिक्षक की पत्नी उषा रानी दास के बयान पर नामजद बनाये गये दो आरोपी संजय राउत व राजेश दास को पीआर बॉन्ड पर बुधवार को छोड़ दिया गया है. दोनों को कहा गया कि जब भी जांच में जरूरत पड़ेगी सहयोग के लिए थाना आना है. बताया जाता है कि अनुसंधान में फिलहाल दोनों की संलिप्ता कहीं से भी उजागर नहीं हुआ है, जिसके कारण उन्हें छोड़ा गया है. —————- हत्या में संलिप्ता उजागर नहीं होने पर हिरासत में लिये गये दोनों नामजद को पीआर बॉन्ड पर छोड़ा
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