आधा भारत नहीं जानता बाबा धाम में श्रद्धालु क्यों लगाते हैं रावण के कुंड में डुबकी, बिना स्नान पूजा अधूरी!

Baba Dham: कई किलोमीटर की कठिन यात्रा कर बाबा धाम पहुंचने वाले कांवरिया बाबाधाम में जलाभिषेक करने से पूर्व रावण के कुंड में अवश्य स्नान करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस कुंड में स्नान किये बिना जलाभिषेक करने से पूजा अधूरी मानी जाती है.

Baba Dham: श्रावणी मेले में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. दूर-दूर से लाखों की संख्या में कांवरिया बाबा धाम पहुंच रहे हैं. कई किलोमीटर की कठिन यात्रा कर बाबा धाम पहुंचने वाले कांवरिया कई बार जाने-अंजाने में कुछ गलतियां कर जाते हैं, जिससे उनकी पूजा अधूरी रह जाती है. यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं को बाबाधाम में जलाभिषेक करने से पूर्व पवित्र कुंड में अवश्य स्नान करना चाहिए. मान्यता है कि कुंड में स्नान किए बिना जलाभिषेक करने से शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है.

शिवगंगा कुंड में स्नान का महत्त्व

बाबा धाम आने वाले श्रद्धालुओं को जलाभिषेक करने से पूर्व शिवगंगा कुंड में अवश्य स्नान करना चाहिए. यहां स्नान किये बिना भूलकर भी जलाभिषेक नहीं करना चाहिए. शिवगंगा कुंड में स्नान किये बिना जलाभिषेक करने से पूजा अधूरी मानी जाती है. धार्मिक मान्यता है कि स्वयं लंका पति रावण ने शिवगंगा कुंड की स्थापना की थी. बाबाधाम में शिवलिंग की स्थापना के साथ ही इस कुंड का भी इतिहास जुड़ा हुआ है.

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रावण ने की थी कुंड की उत्पत्ति

पौराणिक कथाओं के अनुसार रावण जब शिवलिंग लेकर लंका जा रहा था, तभी उसे लघुशंका लगी. लघुशंका के बाद रावण को शुद्धि के लिए जल की आवश्यकता हुई. आसपास कहीं जल नहीं मिलने पर उसने कुंड की उत्पत्ति की. कहा जाता है रावण ने इस कुंड के जल से सबसे पहले भगवान शिव का जलाभिषेक किया था. इसी कारण इस कुंड का नाम शिवगंगा पड़ा.

स्नान मात्र से शरीर के रोग होते हैं दूर

शिव पुराण में इस बात का उल्लेख है कि शिवगंगा में देवताओं के बाद अश्विनी कुमार ने भी स्नान किया था. उन्होंने स्नान करने के बाद भगवान शिव की पूजा भी की थी. उन्होंने ने ही यह कहा था कि इस पवित्र कुंड में जो भी स्नान करेगा, उसके सभी रोग दूर हो जायेंगे. इसके साथ ही बिना शिवगंगा में स्नान किए भगवान भोलेनाथ की पूजा अधूरी मानी जाएगी.

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By Dipali Kumari

नमस्कार! मैं दीपाली कुमारी, एक समर्पित पत्रकार हूं और पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं, जहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पूर्व दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी कार्य करने का अनुभव है.

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