प्रतिनिधि, देवघर: शहरी क्षेत्र के रेहड़ी-पटरी और फुटपाथ विक्रेताओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से देवघर नगर निगम की ओर से 1 से 30 सितंबर तक 30 दिवसीय विशेष लोक कल्याण मेला आयोजित किया जा रहा है. मेले के माध्यम से पथ विक्रेताओं को पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण दिलाने, डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल की जा रही है.
वार्डों में शिविर लगाकर कराया जा रहा आवेदन
लोक कल्याण मेले के सफल संचालन के लिए नगर आयुक्त के निर्देश पर नगर मिशन प्रबंधक, सामुदायिक संगठनकर्ता और सीआरपी का विशेष कार्यदल गठित किया गया है.
यह टीम नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में शिविर लगाकर पथ विक्रेताओं से सीधे संपर्क कर रही है. टीम की ओर से पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन कराने में भी मदद की जा रही है.
योजना के तहत पहले चरण में 15 हजार, दूसरे चरण में 25 हजार और तीसरे चरण में 50 हजार रुपये तक के ऋण के लिए आवेदन कराया जा रहा है.
बैंक में भी पहुंच रही निगम की टीम
पथ विक्रेताओं को आवेदन से लेकर ऋण मिलने तक किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए नगर निगम की टीम बैंकों में भी मौजूद रहकर सहयोग कर रही है.
विशेष दल के सदस्य दस्तावेजों के सत्यापन और बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय में मदद कर रहे हैं. इसके अलावा विक्रेताओं को पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने में भी सहायता दी जा रही है.
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने पर जोर
लोक कल्याण मेले के माध्यम से पथ विक्रेताओं को डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक किया जा रहा है. निगम का प्रयास है कि छोटे कारोबारियों को डिजिटल भुगतान से जोड़ा जाए, ताकि उनके कारोबार में पारदर्शिता के साथ लेन-देन की सुविधा भी बढ़े.
‘स्वनिधि से समृद्धि’ से जुड़ेंगे विक्रेताओं के परिवार
ऋण वितरण के साथ अभियान के अगले चरण में ‘स्वनिधि से समृद्धि’ कार्यक्रम के तहत लाभार्थी पथ विक्रेताओं और उनके परिजनों की सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइलिंग मौके पर ही की जा रही है.
इसके जरिए पात्र लाभार्थियों और उनके परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार की दूसरी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
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‘पूंजी की कमी से कारोबार प्रभावित न हो’
नगर आयुक्त ने कहा कि फुटपाथ और रेहड़ी-पटरी विक्रेता शहर की आजीविका और स्थानीय अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं. निगम का उद्देश्य है कि पूंजी की कमी के कारण किसी पथ विक्रेता का कारोबार प्रभावित न हो और उसे बैंक या सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें.
उन्होंने पथ विक्रेताओं से लोक कल्याण मेले का लाभ उठाने, डिजिटल भुगतान अपनाने और अपने कारोबार को नई दिशा देने की अपील की.
