वरीय संवाददाता, देवघर. झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के हक-अधिकार को लेकर शुरू की गयी "भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा" के तहत सोमवार को छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो के नेतृत्व में सैकड़ों अभ्यर्थियों ने देवघर में पदयात्रा निकाली. बारिश के बावजूद युवाओं का उत्साह देखते ही बना. समर्थकों के कंधे पर सवार होकर छात्र नेता एक हाथ में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और दूसरे हाथ में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर लेकर व्यवस्था में सुधार की आवाज बुलंद करते नजर आये.
तेज बारिश के बीच गूंजे भ्रष्टाचार विरोधी नारे
पदयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए टावर चौक पहुंची और वहां से आंबेडकर पुस्तकालय तक गयी. तेज बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी यात्रा में डटे रहे. इस दौरान पूरा क्षेत्र "छात्र एकता जिंदाबाद" और "भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान" जैसे नारों से गूंजता रहा.
युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अनियमितताओं पर रोक लगाने की मांग उठायी. बारिश के बावजूद पदयात्रा में युवाओं की मौजूदगी ने आंदोलन के प्रति उनके उत्साह को दर्शाया.
पारदर्शी भर्ती नीति लागू होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि "24 जिला-24 संकल्प" के तहत यह यात्रा राज्य में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने तथा युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है.
उन्होंने कहा कि जब तक भर्ती प्रक्रिया से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा और पारदर्शी भर्ती नीति लागू नहीं की जाती, तब तक छात्रों का लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को गंभीरता से पहल करनी चाहिए.
स्थानीय पीड़ित परिवारों से भी की मुलाकात
पदयात्रा के दौरान छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने स्थानीय पीड़ित परिवारों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली. पदयात्रा में बड़ी संख्या में छात्र, प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी और युवा शामिल हुए.
