जहां जलती हैं चिताएं, वहां थकान मिटा रहे कांवरियां : देवघर श्मशान घाट बना कांवरियों का विश्राम स्थल

देवघर के श्मशान घाट में सावन के दौरान सैकड़ों कांवरिये थकान मिटाने के लिए विश्राम कर रहे हैं. परिसर में अस्थायी दुकानें भी लगी हैं, जहां श्रद्धालुओं को चाय-नाश्ता मिल रहा है.

देवघर : श्रावणी मेला में इन दिनों कांवरियों की आस्था का सैलाब उमड़ रहा है. हर ओर गेरुआधारी कांवरिये नजर आ रहे हैं. शहर का श्मशान घाट भी इन दिनों थके कांवरियों का सहारा बना हुआ है. जहां आम दिनों में चिताओं की आग, अपनों को खोने का दर्द और अंतिम विदाई की खामोशी दिखाई देती है, वहीं सावन में इसी परिसर में सैकड़ों कांवरिये अपनी थकान मिटाते नजर आ रहे हैं.

सुबह से रात तक सैकड़ों कांवरिये कर रहे विश्राम

सुबह से देर शाम और रात तक यहां कांवरियों का आना-जाना लगा रहता है. कोई चादर बिछाकर लेटा है, तो कोई परिवार के साथ बैठकर कुछ पल आराम कर रहा है. महिलाओं और पुरुषों के साथ छोटे-छोटे बच्चे भी सफर की थकान मिटाते हुए परिसर में आराम करते दिख रहे हैं. लंबी दूरी तय कर बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह परिसर फिलहाल राहत की जगह बना हुआ है.

श्मशान घाट परिसर में सज गया अस्थायी बाजार



श्मशान घाट कैंपस में अस्थायी बाजार भी सज गया है. चाय, नाश्ता, झालमुढ़ी सहित विभिन्न खाद्य सामग्री की दुकानें लगी हैं. इसके अलावा दिनभर अलग-अलग सामान बेचने वाले वेंडरों का आवागमन भी जारी रहता है.

दुकानदारों ने रोजाना वसूली का लगाया आरोप

अस्थायी दुकानदारों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि कुछ ठेकेदारों द्वारा दुकानदारों से हर रोज पैसे की वसूली की जाती है. दुकानदारों का कहना है कि जरूरतमंद कांवरियों को खाने का सामान उपलब्ध करा कर एक तरह से मदद कर रहे हैं. हालांकि, वसूली किसके आदेश पर हो रही है, इसकी स्पष्ट जानकारी दुकानदार नहीं दे सके.


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By कमल किशोर सागर

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