देवघर : नगर थाना क्षेत्र के सिंघवा-चंदाजोरी गांव में हुए डबल मर्डर मामले में अदालत ने नामजद किशोर को दोषी पाते हुए सश्रम उम्रकैद की सजा सुनायी है. साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी. यह फैसला एडीजे प्रथम सह चिल्ड्रेन्स कोर्ट राजीव रंजन की अदालत ने सुनाया.
16 गवाहों ने दी गवाही
मामला सुमन कुमार वर्णवाल के बयान पर नगर थाना में 20 फरवरी 2024 को दर्ज किया गया था. इसमें उनके ससुर अनुज कुमार वर्णवाल और सास बासमती देवी की हत्या का आरोप लगाया गया था. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 16 लोगों की गवाही करायी गयी. अभियोजन पक्ष दोष सिद्ध कराने में सफल रहा. बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने भी अपना पक्ष रखा.
रॉड से वार कर दंपती की हत्या का आरोप
दर्ज मुकदमे के अनुसार, सिंघवा-चंदाजोरी गांव में रहने वाले अनुज कुमार वर्णवाल और बासमती देवी के घर में एक किशोर घुस गया था. आरोप है कि उसने अंदर से दरवाजा बंद कर रॉड से वार कर दोनों को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गयी. इसके बाद जेवरात ले जाने का भी आरोप है.
घटना की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी. पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. इसी दौरान एक किशोर छिपा हुआ मिला, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पूछताछ की. घटना की सूचना मिलने पर कालीरखा मोहल्ले में रहने वाले दामाद भी मौके पर पहुंचे और मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी.
30 माह में आया फैसला
मामले का स्पीडी ट्रायल चलाया गया और करीब 30 माह के अंदर अदालत का फैसला आया. अदालत ने नामजद किशोर को दोषी पाते हुए सश्रम उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनायी.
