देवघर से संजीत मंडल की रिपोर्ट
Road Safety: देवघर जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने और अवैध खनन पर रोक लगाने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने संयुक्त रूप से की. बैठक में शहरी परिवहन, यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई. अधिकारियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
दुर्घटनाओं पर रोक के लिए विशेष योजना
समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए. उन्होंने तीखे मोड़ों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर आवश्यक साइनेज लगाने, सड़क किनारे उगी झाड़ियों की नियमित कटाई कराने तथा जिले के सभी ब्लैक स्पॉट की पहचान कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा. इसके अलावा संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए, ताकि वाहन चालकों को समय रहते आवश्यक जानकारी मिल सके और हादसों की संभावना कम हो.
यातायात नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई
उपायुक्त ने परिवहन विभाग और सभी थाना प्रभारियों को संयुक्त रूप से विशेष वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया. बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार जिले में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 1157 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई. इन मामलों में ओवरलोडिंग, ओवरस्पीड, बिना हेलमेट वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग तथा रेस ड्राइविंग जैसी गंभीर लापरवाहियां शामिल थीं. इन सभी मामलों में कुल 28.43 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया. प्रशासन का मानना है कि नियमित जांच अभियान और सख्त कार्रवाई से यातायात नियमों के पालन की संस्कृति विकसित होगी तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी.
शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी सख्ती
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाए. इसके अलावा अत्यधिक शोर उत्पन्न करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों के विरुद्ध भी अभियान चलाकर कार्रवाई करने को कहा गया. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऐसे वाहन न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी परेशानी का कारण बनते हैं. इसलिए इनके खिलाफ नियमित जांच जारी रहेगी.
अवैध खनन रोकने के लिए टास्क फोर्स को निर्देश
बैठक के दौरान जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने अवैध खनन और बालू उठाव पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अवैध खनन में प्रयुक्त वाहनों की पहचान कर केवल जुर्माना लगाने तक सीमित नहीं रहा जाए, बल्कि आवश्यकतानुसार ऐसे वाहनों को निरुद्ध भी किया जाए. इससे अवैध खनन में संलिप्त लोगों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी.
बालू घाटों की होगी नियमित निगरानी
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी बालू घाटों का नियमित निरीक्षण किया जाए. साथ ही पुल और पुलिया के नीचे किसी भी परिस्थिति में अवैध खनन नहीं होने दिया जाए. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि खनिज परिवहन में लगे सभी अधिकृत वाहनों में जीपीएस सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाए, ताकि उनके आवागमन की निगरानी की जा सके और अवैध परिवहन पर नियंत्रण रखा जा सके.
दुर्घटनाओं का समय पर पोर्टल पर होगा पंजीकरण
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि जिले में होने वाली प्रत्येक सड़क दुर्घटना की सूचना समय पर आईआरसी/इडार पोर्टल पर दर्ज की जाए. इससे दुर्घटनाओं का सही रिकॉर्ड तैयार होगा और भविष्य में सड़क सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के निर्माण में सटीक आंकड़ों का उपयोग किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाया जाएगा.
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सड़क सुरक्षा और कानून पालन पर प्रशासन का जोर
बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना और अवैध खनन पर पूरी तरह अंकुश लगाना है. इसके लिए परिवहन विभाग, पुलिस, खनन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान चलाती रहेंगी. प्रशासन ने उम्मीद जताई कि लगातार निगरानी, सख्त कार्रवाई और जनजागरूकता के माध्यम से सड़क सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और जिले में दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी.
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