संवाददाता, देवघर. देवघर एयरपोर्ट पर संभावित विमान दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार को अग्निशमन विभाग की ओर से 45 मिनट का मॉक ड्रिल आयोजित किया गया. इस दौरान विमान क्रैश होने के बाद लगने वाली आग पर काबू पाने, यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया. मॉक ड्रिल में अग्निशमन विभाग के हवलदार आलोक कुमार गौतम, सुबोध कुमार व रजत कुमार मिंज ने एयरपोर्ट के अधिकारियों व कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में अपनायी जाने वाली सावधानियों और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि विमान दुर्घटना के बाद सबसे पहले आग पर नियंत्रण, यात्रियों की सुरक्षित निकासी और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होती है. अभ्यास के दौरान यह भी बताया गया कि किसी प्रकार की घटना- दुर्घटना होने पर घायलों को किस प्रकार निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों तक शीघ्र पहुंचाया जाये. मॉक ड्रिल के माध्यम से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का भी परीक्षण किया गया. इस अवसर पर देवघर एयरपोर्ट के डायरेक्टर जॉय बनर्जी सहित एयरपोर्ट के अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे. अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के अभ्यास से आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद मिलती है.हाइलाइटर
अग्निशमन विभाग ने आग बुझाने और यात्रियों की सुरक्षित निकासी का प्रदर्शन कियाहवलदार आलोक कुमार गौतम, सुबोध कुमार और रजत कुमार मिंज ने आपदा प्रबंधन की जानकारी दीघायलों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया बतायी
मॉक ड्रिल में एयरपोर्ट डायरेक्टर सहित अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए