Deoghar news : रोहिणी से बिरनियां घाट पुल तक सड़क जर्जर, ग्रामीणों ने उठायी पक्कीकरण की मांग

अजय नदी पुल के निकट बिरनियां घाट से लेकर रोहिणी तक आने वाली सड़क जर्जर हो चुकी है. ग्रामीणों ने सड़क के पक्कीकरण की मांग की है.

देवघर. अजय नदी पुल के निकट बिरनियां घाट से लेकर रोहिणी तक आने वाली सड़क जर्जर हो चुकी है. इसे बेहतर ढंग से बनाने व पक्कीकरण की मांग विगत कई वर्षों से चली आ रही है, लेकिन इसकी सुधि नहीं ली गयी है. जिला प्रशासन को इस संबंध में कई बार लोगों ने अवगत कराया है व स्थानीय जन प्रतिनिधियों के सामने भी इस समस्या को रखा, लेकिन आश्वासन के अलावा धरातल पर कुछ उतरा नहीं है. करीब पांच किमी तक लोगों के लिए आवागमन अब जानलेवा हो गया है. बिरनियां घाट अजय नदी पर बने पुल के उद्घाटन की आस में दो डेढ़ दशक बीत गया, लेकिन किसी भी जनप्रतिनियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया. पुल के पास बना एप्रोच रोड में करीब एक से डेढ़ फीट तक गड्ढा हो चुके है. स्थानीय राहगीरों व गांव के लोगों ने इस जर्जर सड़क को बेहतर बनाने की मांग को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन भेजा है. अनुरोध किया की सड़क पर सैकड़ों गड्ढे हो चुके हैं, जिससे कोई भी वाहन चालक इस मार्ग से जाने में कतराते हैं. कोल्हाबाद से रेलवे फाटक तक तो पता ही नहीं चलता है कि सड़क है या गड्ढा है. एम्स देवघर जाने के लिए यह अतिरिक्त सड़क है, जिसके पक्कीकरण व कालीकरण शीघ्र कराने की मांग की है. ज्ञापन में जयगोविंद प्रसाद, बालेश्वर मरीक, रुषण प्रमाणिक, अर्जुन दास, वरुण कुमार, अरुण कुमार मांझी, शंकर प्रसाद, त्रिलोचन दास, होरिल कुमार, वीरेंद्र प्रसाद, बबलू कुमार, सोहराब अंसारी, जीवन मरांडी आदि के नाम हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Falguni marik

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >