देवघर में 'बिच्छू बम' को देखने लोगों की उमड़ी भीड़, हाथों के बल 119 दिनों में पहुंचे बाबाधाम

हाथ के बल बाबाधाम पहुंचे उत्तर प्रदेश के एक 'बिच्छू बम' को देखने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. सुल्तानगंज से जल भरकर हाथ के बल चलकर बिच्छू बम बने अशोक गिरि 119 दिनों में बाबाधाम पहुंचे. इसके पहले अशोक गिरि कांवर और डाक कांवर के तौर पर भी बाबाधाम आ चुके हैं.

Jharkhand News: बाबा बैद्यनाथ के प्रति भक्तों की आस्था नित नये-नये रूपों में देखने को मिलती है. ऐसा ही एक नजारा ‘बिच्छू बम’ को देखने लोगों की भीड़ उमड़ी. उत्तर प्रदेश के बलिया जिला अंतर्गत नाथनगर रसढ़ा निवासी अशोक गिरि उर्फ मन्नु सोनी बिच्छू बम के तौर पर बाबाधाम पहुंचे हैं. 46 वर्षीय अशोक ने अपने जीवन के 31 साल बाबा भोलेनाथ की भक्ति में लगा दिए. अशोक 11 जुलाई को रक्षाबंधन के दिन सुल्तानगंज में जल भरकर हाथ के बल चलकर बाबाधाम की यात्रा पर निकले और 119 दिनों में वह खिजुरिया पहुंचे.

पैदल यात्रा का लिया संकल्प

विश्राम के दौरान अशोक ने बताया कि उन्होंने हरिद्वार जूना अखाड़ा के महंत सत्यगिरि नागा महाराज से दीक्षा ली. कई साधु-संतों ने संकल्प लिया कि राम मंदिर बनने की सूचना मिलते ही 108 फुट का कांवर लेकर हरिद्वार से अमरनाथ की पैदल यात्रा पर निकलेंगे. राम मंदिर बनने की खबर आते ही सभी लोग कहीं न कहीं निकल गये. तब उन्होंने अकेले 108 फुट का धागा संकल्प लेकर अमरनाथ की पैदल यात्रा की. इसके बाद यह यात्रा आजतक रुकी नहीं.

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हाथ के बल चलकर पहुंचे बाबाधाम

1991 से लेकर 2000 तक सुल्तानगंज से बाबाधाम और यहां से बासुकिनाथ तक पैदल कांवर यात्रा की. इसके बाद तीन साल तक डाक कांवर की भी यात्रा की. 2014 से प्रत्येक पूर्णिमा पर डाक कांवर चढ़ाया. अब कान में कुंडल कांवर यानी हाथ के बल चलकर बाबा नगरी और उसके बाद बासुकिनाथ तक जायेंगे. उनके साथ उनके गुरुजी भी दंड देते हुए चल रहे हैं, जो करीब 20 किलोमीटर पीछे हैं.

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By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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