इंसानी हुकूक की हिफाजत की जमीन है मौला अली का किरदार : सूफी अलाउद्दीन हसन

मधुपुर के मदीना मोहल्ला में सूफी खानकाह एसोसिएशन झारखंड इकाई के तत्वावधान में एसोसिएशन के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य सूफी कुर्बान चिश्ती की अध्यक्षता में कांफ्रेंस

मधुपुर. शहर के मदीना मोहल्ला में सूफी खानकाह एसोसिएशन झारखंड इकाई के तत्वावधान में एसोसिएशन के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य सूफी कुर्बान चिश्ती की अध्यक्षता में कांफ्रेंस का आयोजन किया गया. इस अवसर पर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सूफी अलाउद्दीन हसन ने कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए अनैतिक सत्ता स्थापित करने के उद्देश्य से इस्लाम व कुरान की आयतों को गलत व्याख्या करके दुनिया भर में आतंकवाद फैलाने का काम किया जा रहा है. जालिमों को मुसलमान और उनके सियासी एजेंडे को इस्लाम समझने वालों को वास्तविक इस्लाम व दीन जानने के लिए मौला अली अलैहिस्सलाम की जिंदगी का अध्ययन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मौला अली अलैहिस्सलाम जिन्होंने अपनी तमाम उम्र इंसानियत व इंसाफ को कायम करने के लिए पैगम्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम की तालीम पर चलते हुए समर्पित कर दिया. यहां तक की इराक के शहर कूफा की मस्जिद में नमाज की हालत में उनपर जानलेवा हमला किया गया, जिसके चलते उनकी शहादत 21 रमजान के 40वां हिजरी में हुई. सूफी खानकाह एसोसिएशन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सूफी शराफत हुसैन चिश्ती ने कहा कि आज दुनिया भर में कुछ इंसानियत दुश्मन ताकतें अपनी नाजायज हुकूमत को कायम करने के लिए इस्लाम और कुरान ए मुकद्दस की आयतों की गलत व्याख्या करके आतंकवाद फैला रही है. जो किसी भी तरह से इस्लामी नहीं है. ऐसा करने वाले मुसलमान हो नहीं सकते है. उन्होंने कहा कि इस्लाम वो है जो दुश्मन को भी उसके इंसानी हुकूक देने की बात करता है. उन्होंने कहा कि यह कोई जबानी बात नहीं है, बल्कि पैगंबर ए इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम की इंसानी हुकूक की तालीम को मौला अली अलैहिस्सलाम ने अमली जामा पहना कर साबित किया है. उन्होंने कहा कि सूफी खानकाह एसोसिएशन राष्ट्रीय अध्यक्ष सूफी मोहम्मद कौसर हसन मजीदी के नेतृत्व में इस्लाम के इस वास्तविक पहलू को उजागर करने के लिए अखिल भारतीय स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है. मौके पर सूफी खानकाह एसोसिएशन झारखंड इकाई मीडिया प्रभारी इमामुद्दीन चिश्ती, सूफी रफीक चिश्ती, सूफ़ी अब्बास अली चिश्ती, सूफी वसीम चिश्ती, सूफी अफरोज चिश्ती, सूफी इब्राहीम चिश्ती, सूफी नौशाद अली चिश्ती, सूफी कलीम चिश्ती, सूफी बाबर अली चिश्ती, सूफी खुदुश चिश्ती, शायर ए इस्लाम सूफी मोहम्मद मजहर अयूबी चिश्ती, जिशान चिश्ती, सूफी फरीद चिश्ती समेत सूफी खानकाह एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद थे.

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Author: BALRAM

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