Deoghar News : नगर निगम कार्यालय में टेंडर को लेकर ठेकेदारों के दो गुटों में भिड़ंत, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की

देवघर नगर निगम कार्यालय में गुरुवार को दोपहर में अखाड़ा बन गया, जब टेंडर डालने को लेकर दो ठेकेदार गुट आपस में भिड़ गये. इस दौरान जमकर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हुई. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए नगर थाना में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है.

वरीय संवाददाता, देवघर : देवघर नगर निगम कार्यालय में गुरुवार को दोपहर में अखाड़ा बन गया, जब टेंडर डालने को लेकर दो ठेकेदार गुट आपस में भिड़ गये. इस दौरान जमकर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हुई. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए नगर थाना में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है. जानकारी के मुताबिक, नगर निगम के विभिन्न इलाकों में सड़क और नाला निर्माण से संबंधित करीब 50 कार्यों के लिए बीओक्यू (बिल ऑफ क्वांटिटी) बेचे जा रहे थे. इसको लेकर नगर निगम पहुंचे ठेकेदारों के दो गुटों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई. इसके बाद वे लोग भिड़ गये. पहले पक्ष की ओर से सारवां थाना क्षेत्र निवासी एक संवेदक प्रतिनिधि ने तीन नामजद सहित कई अन्य पर जानलेवा हमला, मोबाइल और बाइक की चाबी छीनने का आरोप लगाया है. शिकायत में कहा गया है कि 19 जून को दोपहर 2:00 बजे जब वह बीओक्यू लेने के लिए आवेदन जमा कर रहे थे, तभी आरोपी गुट ने आवेदन वापस लेने का दबाव बनाया और गोली मारने की धमकी दी. आरोप है कि करीब 40 ठेकेदारों ने उन्हें घेरकर मारपीट की और मोबाइल छीनकर निगम से संबंधित सारे वीडियो डिलीट कर दिये. दूसरे पक्ष की ओर से 30 ठेकेदारों ने नगर थाना में संयुक्त आवेदन देकर पहले पक्ष के दो संवेदकों को आरोपी बताया है. उनका आरोप है कि आरोपी ठेकेदारों ने उन्हें बीओक्यू लेने से रोका और कहा कि अगर उनके इलाके में काम करना है तो एक लाख रुपये की रंगदारी देनी होगी. विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गयी और अपशब्द कहे गये. दोनों पक्षों ने नगर थाना प्रभारी से मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है. पहले पक्ष ने अपनी शिकायत की प्रतिलिपि नगर आयुक्त, देवघर डीसी, डीडीसी और अन्य अधिकारियों को भी सौंपने की बात कही है. ठेकेदारों ने आगामी निविदाओं में पुलिस तैनात करने की मांग की है, ताकि कोई दबंग ठेकेदार कमजोर संवेदकों को डराकर बीओक्यू लेने से न रोक सके. निगम कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में नगर निगम कार्यालय में बार-बार इस तरह की घटनाएं सामने आने से वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. स्थानीय लोगों और संवेदकों का कहना है कि निगम परिसर में सीसीटीवी कैमरे की निगरानी, सुरक्षा गार्डों की तैनाती और पुलिस की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए. ताकि पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से टेंडर प्रक्रिया पूरी हो सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AMRENDRA KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >