देवघर में खेल-खेल में गले में लगा फंदा, हाे गयी बच्चे की मौत

मोहनपुर थाना क्षेत्र के अराजीढ़ाबी गांव में मंगलवार की दोपहर खेल-खेल में एक बच्चे की जान चली गयी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अराजीढ़ाबी गांव निवासी कमल सिंह का पुत्र शिवम कुमार (10 वर्ष) दुर्गापूजा की छुट्टी में घर आया था और बच्चों के साथ रस्सी के साथ खेल रहा था.

  • घर के अंदर बच्चों के साथ खेल रहा था रस्सी का खेल

  • दुमका के आवासीय विद्यालय में कक्षा तीन का था छात्र

  • दुर्गापूजा की छुट्टी में आया था घर

प्रतिनिधि, मोहनपुर

मोहनपुर थाना क्षेत्र के अराजीढ़ाबी गांव में मंगलवार की दोपहर खेल-खेल में एक बच्चे की जान चली गयी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अराजीढ़ाबी गांव निवासी कमल सिंह का पुत्र शिवम कुमार (10 वर्ष) दुर्गापूजा की छुट्टी में घर आया था और बच्चों के साथ रस्सी के साथ खेल रहा था. इसी क्रम में रस्सी शिवम के गर्दन फंदे से फंस गयी और यह घटना हो गयी. जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय घर में कोई नहीं था. घटना के बाद परिजन बालक शिवम की हालत गंभीर देख तुरंत सीएचसी मोहनपुर लेकर पहुंचे. वहां चिकित्सक ने प्राथमिक जांच के बाद उसे फौरन देवघर स्थित सदर अस्पताल भेज दिया. इधर, सदर अस्पताल पहुंचने पर ऑन डयूटी चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया.

सूचना मिलते ही बैद्यनाथधाम ओपी प्रभारी सदर अस्पताल पहुंचे व परिजनों से पूछताछ शुरू की. बालक के पिता ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर बच्चे का पोस्टमार्टम न कराने की गुजारिश करते हुए शव उन्हें सौंप देने की अपील की. आवेदन में कहा गया है कि बेटे की आकास्मिक मौत हो गयी है, इस मामले में किसी के खिलाफ मेरा कोई आरोप भी नहीं है. न ही किसी तरह के किसी मुआवजे या लाभ की ही आवश्यकता ��ै. ओपी प्रभारी ने वरीय पदाधिकारी से दिशा-निर्देश लेकर शव को परिजनों को सौंप दिया.

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मां-भाई थे खेत में, पिता भी नहीं थे घर पर

घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि बालक दुमका में एक आवासीय विद्यालय में रहकर तीसरी कक्षा में पढ़ाई करता था. त्योहार को लेकर उनके पिता उसे घर लाये थे. उनकी मां घास काटने खेत गयी थी और पिता भी घर में नहीं थे. उसका बड़ा भाई घर भी मां के पास ही था. शिवम साइकिल चलाने घर से निकला था. इसी दौरान साइकिल खराब हो गयी. अंदेशा है कि इसके बाद वह घर आकर रस्सी खेलने लगा. मां-पिता और भाई जब घर पहुंचे तो देखा कि घर का दरवाजा बंद है. दरवाजा खोलने पर देखा कि पुत्र बेहोशी की हालत में पड़ा था. गंभीर अवस्था में उसे इलाज के लिए पहले सीएचसी व बाद में सदर अस्पताल ले गये, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया.

एक माह के अंदर दूसरे नाबालिग की मौत

मोहनपुर में एक माह के अंदर यह दूसरी घटना है, जो संदिग्ध परिस्थिति में सामने आया है. इससे पूर्व मोहनपुर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव में ही तीसरी कक्षा में ही पढ़ने वाले एक छात्र की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गयी थी. मां ने उसे स्कूल भेजा था, जिसने बाद में फंदे से लटकने से मौत हो गयी थी.

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By Prabhat khabar news desk

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